मांसाहारी पौधों का मायाजाल

  • 20 फरवरी 2013
मांसाहारी पौधों के एक नई ख़ासियत का पता भारतीय वैज्ञानिकों ने लगाया है.

कुछ मांसाहारी पौधे अपने शिकार को आकर्षित करने के लिए नीले रंग के फ्लोरेसेंट लैंप जैसा व्यवहार करने लगते हैं. ये दावा भारतीय वैज्ञानिकों का है.

दरअसल भारतीय वैज्ञानिकों के एक शोध दल ने अल्ट्रा वायलेट रोशनी में किए शोध में यह पाया है कि इन पौधों से नीले रंग की रोशनी निकलने लगती है.

अब तक ये माना जा रहा था कि मांसाहारी पौधे अपने रस, रंग और सुगंध के जरिए जीवों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. लेकिन नए शोध अध्ययन के मुताबिक पौधे अपना रंग भी बदलने लगते हैं.

रात में शिकार में मदद

केरल के तिरुअनंतपुरम स्थित जवाहर लाल नेहरू ट्रॉपिकल बोटॉनिक गॉर्डेन एंड रिसर्च इंस्टीच्यूट के वैज्ञानिकों का ये शोध अध्ययन प्लांट बॉयोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

शोध दल में शामिल डॉ. साबुलाल बेबी ने बताया, “अब तक मांसाहारी पौधों के बारे में ये जानकारी नहीं थी कि उनसे रोशनी भी निकलती है.”

बेबी ने कहा, “हमारी जानकारी के मुताबिक पहली बार ऐसा अध्ययन हुआ जो यह बताता है कि मांसाहारी पौधे से तेज रोशनी भी निकलती है.”

इस दल ने पाया है कि इन पौधों में आण्विक प्रक्रिया के चलते नीली रोशनी निकलती है. नेपेनथीस, साराकेनिया और वीनस फ्लाइट्रैप्स नामक पौधों में यह गुण पाया गया है.

इन वैज्ञानिकों ने जब वीनस फ्लाइट्रैप्स नामक पौधे का निरीक्षण अल्ट्रावायलेट 366 एनएम किरणों के बीच किया तब जाकर उन्हें इसके बारे में मालूम हुआ.

इन पौधों से निकलने वाली नीली रोशनी से आकर्षित होकर कई जीव जंतु पौधे की तरफ आकर्षित होते हैं. ख़ासकर रात के अंधेरे में निकलने वाली इस रोशनी के चक्कर में शिकार करीब तक आ जाते हैं.

पोषण के लिए शिकार

इन पौधों से निकलने वाली नीली रोशन के मायाजाल में फंस जाते हैं जीव जंतु.

इस चमक से आकर्षित होने वाले जीवों में चूहे, चमगादड़ और पेड़ पौधों पर पाए जाने वाले अन्य कीट शामिल हैं.

इस प्रयोग के दौरान वैज्ञानिकों के दल ने बोटॉनिक गार्डेन में मांसाहारी पौधों में जहां से नीली रोशनी निकल रही थी, उसे ऐसे ढँक दिया ताकि उससे रोशनी बाहर नहीं निकले. इसके बाद दस दिनों तक पौधे पर नजर रखी गई. उसके शिकार जीवों की संख्या में भारी कमी दर्ज हुई.

डॉ. साबूलाल बेबी के मुताबिक यह दर्शाता है कि नीली रोशनी शिकार को फंसाने के लिहाज से अहम भूमिका निभाती है.

दरअसल मांसाहारी पौधे बंजर जमीन पर उगते हैं और उन्हें पोषण अन्य तरीकों से जुटाना होता है.

इसके लिए ये पौधे अलग अलग तरह से जीवों को फंसाते हैं. कुछ पौधों में ऐसे जाल बनते हैं जिसमें जीव फंस जाते हैं, तो कुछ ऐसे तरल पदार्थ निकलते हैं जिसकी चपेट में जीव फंसते हैं.

हालांकि इस अध्ययन के बाद माना जा रहा है कि मांसाहारी पौधे और जीवों के रिश्ते को नए सिरे से समझने में मदद मिलेगी.