कंडोम का घटता इस्तेमाल, बढ़ता एचआईवी

  • 17 फरवरी 2013
कंडोम
सुरक्षित यौन संबंधों के लिए कंडोम के इस्तेमाल की हिदायत दी जाती है

शोधकर्ताओं का कहना है कि ब्रिटेन में समलैंगिक पुरूषों के बीच कंडोम के इस्तेमाल में गिरावट के कारण इन लोगों के बीच एचआईवी संक्रमण बढ़ रहा है.

ब्रिटेन की हेल्थ प्रोटेक्टशन एजेंसी (एचपीए) और कई विश्वविद्यालयों के शोध में पता चलता है कि संक्रमण को रोकने वाली एंटी-रेट्रोवाइरल ड्रग्स के कारण एचआईवी संक्रमण में बहुत तेज वृद्धि नहीं हुई है.

शोध के अनुसार 1990 से 2010 के बीच पुरूषों के साथ बिना कंडोम के शारीरिक संबंध बनाने वाले पुरूषों में एचआईवी संक्रमण में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षित संबंधों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है.

एचआईवी की खतरा

ब्रिटेन में हाल के वर्षों में एचआईवी संक्रमण के मामले बढ़े हैं और ताजा आंकड़े बताते हैं कि समलैंगिक पुरूषों के बीच एचआईवी संक्रमण की दर अब तक सबसे ज्यादा है.

एचपीए की रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन में 2011 के दौरान जिन 6,280 लोगों में एचआईवी संक्रमण का पता चला है, उनमें से लगभग आधे समलैंगिक पुरूषों से जुड़े हैं.

मोटे तौर पर देखा जाए तो हर 20 पुरूष समलैंगिकों में से एक एचआईवी से पीड़ित है.

इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 1990 से 2010 के बीच जानकारियों का विश्लेषण किया.

उनका कहना है कि अगर एचआईवी संक्रमित लोगों के इलाज में एंटी रेट्रोवाइरल दवाएं न इस्तेमाल की जाती तो ये एचआईवी वृद्धि दर 68 फीसदी होती.

एंटी रेट्रोवाइरल दवाओं के साथ इलाज से संक्रमित व्यक्ति से अन्य लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है.

'एचआईवी टेस्ट कराएं'

रिपोर्ट कहती है कि अगर कैंसर का पता चलने के बाद ही एंटी रेट्रोवाइल दवाएं शुरू कर दी जाएं तो एचआईवी की घटनाएं 32 प्रतिशत कम हो सकती हैं. आम तौर पर स्वास्थ्य में गिरावट के बाद ये दवाएं शुरू की जाती हैं.

एचआईवी
एचआईवी के बढ़ते संक्रमण से स्वास्थ एजेंसियां चिंतित हैं

एचपीए में एचआईवी निगरानी विभाग की प्रमुख और इस शोध रिपोर्ट की सह-लेखिका वालेरी फिलिप्स का कहना है, “पुरूषों के साथ यौन संबंध बनाने वाले परूषों को साल में कम से कम एक बार एचआईवी और एसटीआई स्क्रीनिंग जरूर करानी चाहिए. अगर यौन संबंध बिना कंडोम और नए लोगों के साथ बनाए जा रहे हैं तो ये टेस्ट हर तीन महीने में करा लेना चाहिए.”

ब्रिटेन में एड्स और एचआईवी पर काम करने वाले टेरेंस हिंगिंग्स ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी सर निक पेट्रिज का कहना है कि पुरूष समलैंगिकों के बीच कंडोम के इस्तेमाल से देश में एचआईवी के फैलाव को नियंत्रित करने में बहुत मदद मिली है.