जब साथी को बचाने में डॉल्फिनों ने लगाई जी जान

  • 4 फरवरी 2013
डॉल्फिन
डॉल्फिन करते हैं साथियों की मदद

मुसीबत में पड़े अपने किसी साथी की मदद करना साधारण डॉल्फिन से भी सीखा जा सकता है.

पहली बार वैज्ञानिकों ने देखा है कि कुछ डॉल्फिन मिल कर पानी में एक दम तोड़ रहे डॉल्फिन की मदद कर रहे थे या उसे बचा रहे थे. उसे सांस लेने में मदद कर रहे थे.

दक्षिण कोरियाई वैज्ञानिकों ने उल्सान शहर के पास पूर्वी सागर के तट के पास डॉल्फिनों को अपने साथी की मदद करते हुए पाया है.

उन्होंने देखा कि पांच डॉल्फिनों ने मिल कर अपने शरीरों को एक नौका की तरह बना लिया और एक चोटिल डॉल्फिन को उस पर रख कर ले जाने लगे.

डॉल्फिन की दुनिया

'मैरीन मैमल साइंस' नाम की पत्रिका में डॉल्फिनों के इस व्यवहार पर एक रिपोर्ट छपी है.

उल्सान के सेटासीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के क्युम जे पार्क का कहना है कि उन्होंने अपने साथियों के साथ देखा कि कैसे लंबी चोंच वाले डॉल्फिन मिल कर एक व्यस्क डॉल्फिन की जान बचाने की कोशिश कर रहे थे.

वैज्ञानिकों को सामान्य निगरानी के दौरान ये घटना देखने को मिली.

पहले भी ऐसा देखने को मिला है कि डॉल्फिन या व्हेल अपने किसी साथी को बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन सभी मामलों में एक दो जीवों को ऐसा करते हुए पाया गया था.

लेकिन इतनी बड़ी संख्या में मिल कर अपने एक साथी की मदद करते हुए डॉल्फिन पहली बार देखे गए हैं.

कैसी की घायल की मदद

पानी में तैरते डॉल्फिन
ताजा अध्ययन में डॉल्फिन को लेकर नई जानकारी सामने आई है

एक सर्वे के दौरान उन्होंने देखा कि चार सौ डॉल्फिन के समूह के पीछे पीछे लगभग पांच सौ समुद्री पक्षी उड़ रहे थे. इसी दौरान पता चला कि 12 डॉल्फिनों के तैरने की रफ्तार कम हो गई.

उनमें से एक डॉल्फिन घायल हो गया था, जिसके बाद कई डॉल्फिनों ने उसके आसपास घेरा बना लिया था और उसे संतुलन बनाने में मदद करने लगे.

इसके बाद पांच डॉल्फिन क्षैतिज रूप से कतारबद्ध हो गए और एक नौका के समान खुद को बना लिया और और घायल डॉल्फिन को अपनी पीठ पर रख कर चलने लगे.

एक डॉल्फिन ने जहां घायल डॉल्फिन को ऊपर से थपथपा, तो दूसरे डॉल्फिन ने अपनी चोंच से उसका सिर ऊपर की तरफ रखने की कोशिश की.

कुछ मिनटों बाद लगा कि घायल डॉल्फिन दम तोड़ रहा है क्योंकि उसका शरीर पानी में उर्ध्वाधर लटक रहा था. उसका सिर धरातल पर था और सांस नहीं चल रही थी.

लेकिन पांच डॉल्फिन घायल डॉल्फिन के मरने के बाद भी उससे संपर्क बनाए रखने की कोशिश करते रहे, उन्होंने उसके शरीर को रगड़ा और स्पर्श किया. उसके नीचे तैर उन्होंने उसके ऊपर बुलबुले भी छोड़े.

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