पेनिसिलिन ने पैदा की सेक्स क्रांति!

  • 30 जनवरी 2013
पेनिसिलिन के इस्तेमाल से लोगों में अनैतिक यौन संबंधों की लालसा बढ़ी.

अब तक तो यह माना जा रहा था कि गर्भ निरोधक गोलियों की खोज ने समाज में यौन संबंधों के खुलेपन को बढ़ावा दिया, जिसे यौन क्रांति भी कहते हैं. मोटा-मोटी आकलन है कि यह दौर 1960 के दशक से शुरू हुआ.

लेकिन अब एक नई शोध रिपोर्ट ने दिलचस्प दावा किया है. दावे के मुताबिक समाज में यौन संबंधों के खुलेपन को सबसे ज़्यादा बढ़ावा पेनिसिलिन की खोज से हुआ है और पेनिसिलिन के बढ़ते उपयोग के चलते ही 1950 के दशक से ही समाज में यौन संबंधों को लेकर झिझक खत्म होने लगी थी.

अमरीका के अटलांटा स्थिति एमरॉय यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री एंड्रय फ्रांसिस ने अपनी शोध रिपोर्ट की जानकारी देते हुए कहा, “सामान्य तौर पर यह कहा जाता है कि गर्भनिरोधक गोलियों के चलते समाज में यौन संबंधों को लेकर खुलापन आया लेकिन इस बात के पुख़्ता संकेत मिले हैं कि पेनिसिलिन के बड़े पैमाने पर उपयोग से यौन संबंधों में एक खुलापन आया.”

एंड्रूय फ्रांसिस की शोध रिपोर्ट अर्काइव्स ऑफ़ सेक्सुअल बिहेवियर में प्रकाशित हुई है.

1950 के दशक में बदलाव

इस रिपोर्ट के मुताबिक 1950 के दशक से दुनिया भर में पेनिसिलिन का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा और इसके उपयोग से यौन संबंधों के चलते फैलने वाली संक्रमित बीमारी सिफलिश का काफी हद तक अंकुश लगाने में मदद मिली.

पेनिसिलिन का इस्तेमाल दूसरे विश्वयुद्ध के बाद बढ़ा.

पेनिसिलिन की खोज 1928 में हुई थी और 1941 में इसे चिकित्सीय प्रयोग की अनुमति मिली. लेकिन दूसरे विश्व युद्ध से पहले तक इसके इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नहीं होता था. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमरीका ने अपने सैनिकों में सिफलिश की बीमारी को फैलते देख पेनिसिलिन की गोलियों के इलाज के तौर पर अपनाया. इससे सिफलिश की बीमारी पर काफी हद तक अंकुश लगा.

इसके बाद सिफलिश के इलाज के लिए दुनिया भर में पेनिसिलिन की गोलियों का इस्तेमाल बढ़ा. इन गोलियों का असर ऐसा हुआ है कि 1947 से लेकर 1957 के बीच सिफलिश के मामले अमरीका में 95 फ़ीसदी कम हो गए.

इस शोध रिपोर्ट में उस दौर के चिकित्सकों के आकलन को भी शामिल किया गया है जिन्होंने पेनिसिलिन के इस्तेमाल से दुनिया भर में अनैतिक यौन संबंधों के बढ़ने की आशंका जताई थी.

एचआईवी संक्रमण की शुरुआत

1950 के दशक में ही स्पेन के चिकित्सक इडुआर्डो मार्टिनेज ओलोंसो ने लिखा था कि पेनिसिलिन के इस्तेमाल से लोगों में अनैतिक यौन संबंध बनाने की चाहत बढ़ेगी क्योंकि अब उन्हें सिफलिश के चपेट में आने का डर नहीं रहेगा.

एंड्रूय फ्रांसिस ने 1950 के अमरीकी समाज का अध्ययन करते हुए बताया है कि उन्होंने तीन अहम पहलुओं के इर्द-गिर्द अपने शोध अध्ययन को केंद्रित किया.

ये तीन अहम पहलू हैं- अवैध संतानों का जन्म बढ़ना, कम उम्र में ही यौन संबंध के मामलों का बढ़ना और यौन संक्रमण की दूसरी बीमारी गोनोरिया का तेजी से बढ़ना.

इस शोध रिपोर्ट के मुताबिक सिफलिश के मामले कम होने के दौर में अमरीकी समाज में एचआईवी का संक्रमण भी तेजी से बढ़ा.

शोध करने वाले अर्थशास्त्री एंड्रूय फ्रांसिस के दावे काफी हद तक तर्कसंगत दिख रहे हैं और ये भरोसा दिलाते हैं कि पेनिसिलिन के बढ़ते इस्तेमाल के चलते ही आम लोगों में यौन संबंधों को लेकर खुलापन आया.

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