क्या राजनीतिक विचार विरासत में मिलते हैं?

  • 10 दिसंबर 2012
जीन्स
राजनीतिक विचारों को भी प्रभावित कर सकते हैं जीन्स

मनुष्य में कई सारे गुण आनुवंशिक होते हैं लेकिन अब पता चला है कि हमारे राजनीतिक विचार के पीछे भी गुणसूत्रों का कमाल काम करता है.

हमारे राजनीतिक विचारों को बनाने और उन्हें प्रभावित करने में कई कारक जिम्मेदार होते हैं, मसलन- हमारी परवरिश, हमारा व्यवसाय, शायद हमारे दोस्त और साथी भी.

लेकिन इधर कुछ सालों से इस तरह की बातों के पक्ष में काफी प्रमाण दिए जा रहे हैं कि हमारी पसंद- नापसंद को प्रभावित करने में कुछ और तत्व जिम्मेदार हो सकते हैं. खासकर हमारे राजनीतिक विचार हमारे जीन्स से भी प्रभावित हो सकते हैं.

राजनीतिक विचारों को जीन्स का हिस्सा समझने वाली धारणा को आजकल काफी स्वीकृति मिल रही है. इतनी ज़्यादा कि अब जीनोपॉलिटिक्स नामक अध्ययन का एक नया क्षेत्र ही तैयार हो रहा है.

इसकी शुरुआत इस प्रमुख अध्ययन से हुई जिसमें ये दिखाया गया कि हमशक्ल जुड़वाँ बच्चों के राजनीतिक विचार उन जुड़वाँ बच्चों की तुलना में कम समान होते हैं जिनकी शक्लें नहीं मिलतीं.

इससे ये भी पता लगा है कि राजनीतिक रुझान पर सिर्फ आस-पास के माहौल का ही असर नहीं होता, बल्कि उन पर माँ-बाप के जीन्स का भी असर होता है.

इस बारे में जो सबसे पुख्ता सबूत दिया जा रहा है वो ये कि उदारवादी से रूढ़िवादी तक विचार रखने वाले लोगों का ये गुण आनुवंशिक होता है.

दूसरे शब्दों में कहें तो जब हम राजनीतिक रुझानों के पूर्वानुमानों वाले जीन्स की बात करते हैं, तो इसका ये मतलब नहीं कि हमने उन जीन्स की खोज कर ली है जो मतदान के व्यवहार को प्रभावित करते हैं.

राजनीतिक पसंद

ये बात स्पष्ट है कि ऐसा फिलहाल कोई जीन नहीं है जो कि इस बात को नियंत्रित करता हो कि लोग अपनी राजनीतिक पसंद के बारे में पूछे गए सवालों का कैसे जवाब देते हैं.

ये कुछ बेतुका लग सकता है और हमें मानने की जरूरत है कि हमारे जीन ढाँचे में एक ऐसा जीन सुसुप्प्त अवस्था में लाखों साल से तब तक पड़ा था जब तक कि राजनीति विज्ञान के विशेषज्ञों ने प्रश्नावली अध्ययन की खोज नहीं की. ये बिल्कुल असंभव है.

लेकिन यहीं रुकने की जरूरत नहीं है. ये संभव नहीं है कि इस बात पर विश्वास किया जाए कि ऐसा कोई जीन है जो ये तय करे कि कोई व्यक्ति लिबरल पार्टी के पक्ष में मतदान करेगा या फिर कंजर्वेटिव पार्टी के पक्ष में.

सवाल उठता है कि लोकतंत्र की खोज से पहले उसे प्रभावित करने वाला जीन कैसे आ सकता है?

मतदान के एक सामान्य व्यवहार बनने से पहले उस जीन की क्या उपयोगिता रही होगी?

तर्क

किसी व्यक्ति के मस्तिष्क में ऐसा कोई तत्व हो सकता है जो कि भावनाओं को नियंत्रित करते हों. उदाहरण के तौर पर एक अध्ययन से पता चलता है कि अचानक शोर-गुल सुन कर कुछ अमरीकी स्वयंसेवकों को सबसे ज्यादा पसीना आने लगा और यही वे लोग भी थे जो कि मृत्यु दंड और इराक युद्ध का समर्थन कर रहे थे.

एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि ब्रिटेन में उदारवादियों और रूढ़िवादियों की दिमागी संरचना में कुछ मूलभूत अंतर होते हैं. मस्तिष्क का एक हिस्सा जो कि भावनाओं से संबंधित होता है, वो रूढ़िवादियों में कुछ बड़ा होता है.

ये कुछ उदाहरण भले ही हों लेकिन इससे ये मतलब कतई नहीं निकाला जा सकता है कि लोगों के राजनीतिक विचार सीधे तौर पर जीवविज्ञान से नियंत्रित होते हैं.

बजाय इसके, ऐसा माना जा सकता है कि विभिन्न जैविक संरचना वाले लोगों के राजनीतिक विचार भिन्न हो सकते हैं.

इसलिए इस बात से बहुत हैरानी भी नहीं होनी चाहिए कि जीन्स लोगों के राजनीतिक विचारों को प्रभावित करते हैं. इन सबसे ये रहस्य और गहरा हो जाता है कि हमारे विचार और हमारा जीवविज्ञान किस तरह से आपस में संबंधित हैं.

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