BBC navigation

क्या ज़्यादा गंदा है -टॉयलेट या किचन?

 शनिवार, 24 नवंबर, 2012 को 17:34 IST तक के समाचार
टॉयलेट

अध्ययन में कहा गया है कि टॉयलेट सीट पर हर एक वर्ग इंच पर 50 बैक्टीरिया होते हैं.

वैज्ञानिकों का कहना है कि घर में और भी कई ऐसी जगहें और चीजें होती हैं जो टॉयलेट से ज्यादा गंदगी हो सकती हैं.

बीमारियां वातावरण के जरिए किस तरह फैलती हैं, एरिज़ोना विश्वविद्यालय में माइक्रोबॉयोलॉजी के प्रोफेसर डॉक्टर चुक गेरबा ने इस बारे में अध्ययन किया है.

उन्होंने अपने अध्ययन में पाया कि किसी टॉयलेट सीट पर आमतौर पर हर एक वर्ग इंच पर 50 बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जिसमें रसोईघर शामिल है.

वे कहते हैं, ''घर में साफ-सफाई की बात आती है तो शायद टॉयलेट सीट ही वो जगह होती है जिसे हम सबसे ज्यादा साफ रखने की कोशिश करते हैं. लेकिन कुछ अन्य जगहों पर इससे कहीं ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं.''

शोधकर्ताओं ने दुनिया के नौ अलग-अलग देशों में घरों से नमूने जुटाए और पाया कि 21 प्रतिशत रसोइयों में कुछ खास तरह के बैक्टीरिया पनप रहे थे.

"घर में साफ-सफाई की बात आती है तो शायद टॉयलेट सीट ही वो जगह होती है जिसे हम सबसे ज्यादा साफ रखने की कोशिश करते हैं. लेकिन कुछ अन्य जगहों से इससे कहीं ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं."

प्रोफेसर डॉक्टर चुक गेरबा

प्रोफेसर जॉन ऑक्सफोर्ड बताते हैं, ''हमने पाया कि कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश इस मामले में बहुत बेहतर हैं लेकिन भारत और मलेशिया जैसे देशों में दशा बहुत खराब है.''

किचन और बैक्टीरिया

अध्ययन से पता चला है कि किचन में जहां सब्जियां और मांस वगैरह काटा-पकाया जाता है, वहां टॉयलेट सीट से कहीं ज्यादा बैक्टीरिया पाए जाते हैं.

इसकी वजह शायद ये है कि टॉयलेट की सफाई पर हम बहुत ध्यान देते हैं लेकिन किचन में साफ-सफाई पर उतना ध्यान नहीं देते हैं.

लंदन यूनिवर्सिटी में वॉयरोलॉजी के प्रोफेसर जॉन ऑक्सफोर्ड इस अध्ययन का समर्थन करते हैं और मानते हैं कि किचन में बैक्टीरिया कहीं ज्यादा मात्रा में होते हैं.

प्रोफेसर जॉन ऑक्सफोर्ड कहते हैं, ''कई लोगों को इस बात का एहसास नहीं होता कि वो कितने गंदे मोबाइल फोन के जरिए बात कर रहे होते हैं जिसे वो कभी साफ तक नहीं करते हैं. एक डेस्कटॉप पर टॉयलेट सीट से 400 गुना ज्यादा बैक्टीरिया हो सकते हैं.''

इसे भी पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.