धूम्रपान करने वाली महिलाओं में भ्रूण का विकास धीमा

 गुरुवार, 5 जुलाई, 2012 को 17:58 IST तक के समाचार

धूम्रपान गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है.

टाइम लैप्स फोटोग्राफी के जरिए किए गए नए शोध से पता चला है कि धूम्रपान करने वाली महिलाओं में भ्रूण का विकास बहुत धीमी गति से होता है.

फ्रांस के एक कृत्रिम गर्भाधान क्लिनिक में काम करने वाले शोधकर्ताओं ने निषेचन के तुरंत बाद तैयार हुए अंडे की तस्वीरें लीं और विभिन्न चरणों में तब तक उसकी तस्वीरें ली गईं जब तक कि वो महिला के शरीर में प्रवेश कराने लायक नहीं हो गया.

इस दौरान ये पता चला कि हर चरण में उन अंडों का विकास दो से तीन घंटे पीछे चल रहा था जो कि धूम्रपान करने वाली महिलाओं के शरीर में पल रहे थे.

शोध के बाद नानटेस विश्वविद्यालय अस्पताल के प्रमुख शोधकर्ता ने बताया, “यदि आप बच्चा चाहती हैं, तो धूम्रपान छोड़ दीजिए.”

ऐसा माना जाता है कि धूम्रपान मां बनने के अवसर को कम कर देता है. इसीलिए ब्रिटेन उन दंपतियों से कहा जाता है कि जब वे बच्चे के लिए जांच कराने आएं तो उससे पहले धूम्रपान छोड़ दें.

शोधकर्ताओं ने शोध के दौरान 868 विकसित हो रहे भ्रूणों का अध्ययन किया, जिसमें 139 भ्रूण धूम्रपान करने वाली महिलाओं के थे.

"धूम्रपान करने वाली महिलाओं में भ्रूण का विकास धीमी गति से होता है. औसतन दो घंटे पीछे. लोगों को ये पहले नहीं पता होता, लेकिन ये बहुत ही महत्वपूर्ण है"

डॉ. थॉमस फ्रूर, शोधकर्ता

धूम्रपान न करने वाली महिलाओं के भ्रूण को पांच कोशिकीय स्तर तक पहुंचने में 49 घंटे का समय लगा जबकि धूम्रपान करने वाली महिलाओं में इस स्तर तक पहुंचने में 50 घंटे लग गए.

इसी तरह आठ- कोशिकीय स्तर तक पहुंचने में धूम्रपान न करने वाली महिलाओं के भ्रूण ने जहां 58 घंटे का समय लिया वहीं, धूम्रपान करने वाली महिलाओं में इस स्तर तक पहुंचने में 62 घंटे लग गए.

शोध का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ भ्रूणवैज्ञानिक डॉक्टरक्टर थॉमस फ्रूर ने बीबीसी को बताया, “धूम्रपान करने वाली महिलाओं में भ्रूण का विकास धीमी गति से होता है. औसतन दो घंटे पीछे. लोगों को ये पहले नहीं पता होता, लेकिन ये बहुत ही महत्वपूर्ण है.”

प्रभाव

शोधकर्ताओं के मुताबिक भ्रूण के विकास में होने वाली इस देरी का क्या प्रभाव पड़ता है, ये कहना मुश्किल है. साथ ही, ये भी नहीं स्पष्ट है कि इससे बच्चा पैदा होने की संभावना पर क्या असर पड़ता है.

डॉक्टर. फ्रूर का अनुमान है, “यदि उनका विकास धीरे होता है तो हो सकता है कि उसका कुछ बुरा प्रभाव हो और उन्हें प्रत्यारोपित नहीं किया जा सकता.”

"इस प्रयोग में एक नए तरह के यंत्र का इस्तेमाल किया गया जिसे एंब्रियोस्कोप कहते हैं. इसकी वजह से भ्रूण को सही समय पर विभिन्न चरणों में देखने में मदद मिली"

डॉ. एलेन पेसी, वैज्ञानिक

वे बहुत ही सामान्य सलाह देते हैं, “आपको धूम्रपान छोड़ देना चाहिए. हालांकि ये आसान नहीं है. इसके अलावा मैं और क्या कह सकता हूं. बस यही कि यदि आप बच्चा चाहते हैं तो धूम्रपान छोड़ दीजिए.”

शेफील्ड विश्वविद्यालय में एंड्रोलोजी के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉक्टर एलेन पेसी कहते हैं कि ये एक रोचक अध्ययन है जिसमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है,

“इस प्रयोग में एक नए तरह के यंत्र का इस्तेमाल किया गया जिसे एंब्रियोस्कोप कहते हैं. इसकी वजह से भ्रूण को सही समय पर विभिन्न चरणों में देखने में मदद मिली.”

उनका कहना है कि इस मशीन के साथ अभी प्रयोग आरंभिक अवस्था में हैं, लेकिन हमें इस तरह के प्रयोग करते रहने होंगे, तभी इसकी गुणवत्ता का पता चलेगा.

इस शोध के निष्कर्ष तुर्की में हुए यूरोपियन सोसाइटी फॉर ह्यूमन रिप्रोडक्शन एंड एंब्रियोलॉजी में पेश किए गए थे.

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