जैसी जरूरत, वैसा बनेगा रोबोट

 गुरुवार, 5 अप्रैल, 2012 को 18:33 IST तक के समाचार
रोबोट ग्रिपर

इस ग्रिपर के माध्यम से दिखाया गया कि परियोजना के तहत क्या संभावनाएं हैं.

वैज्ञानिक एक ऐसी कंप्यूटर तकनीक विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं जिसमें एक आम व्यक्ति अपनी जरूरत के हिसाब से रोबोट तैयार कर पाएगा.

पांच वर्षों तक चलने वाली इस परियोजना में मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के रोबोटिक्स विशेषज्ञ शामिल हैं.

हालांकि टीम के सदस्यों का कहना है कि ऐसा सोचना अवास्तविक होगा कि तय सीमा में एक ऐसा प्रोग्राम विकसित किया जा सकेगा जो विश्व भर की जरूरतों को पूरा कर पाएगा.

लेकिन वो एक ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम विकसित कर पाने की उम्मीद रखते हैं जिसका प्रयोग करने वाले इसकी मदद से कुछ खास किस्म के काम संपन्न कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर किसी विशेष परिवेश में मार्गनिर्देशन का काम या किसी वस्तु का कुशलतापूर्वक संचालन.

सदस्यों का कहना है कि इन कार्यों की मदद से कंप्यूटर निर्माण फाइल्स तैयार होंगी जो ऐसी मशीनें विकसित कर पाएंगी जो बहुत कम मानव हस्तक्षेप वाले रोबोट का उत्पादन कर सकेंगे.

फोटो कॉपी

उनका कहना है कि वो भविष्य में एक ऐसी स्थिति चाहते हैं जहां मशीन घर पर ही रोबोट तैयार कर दें या एक फोटो कॉपी मशीन जैसे हालात पैदा हो जाएं जहां विशेष प्रकार के काम कर पाने वाला एक रोबोट 100 डॉलर में उपलब्ध हो.

शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के रोबोट के इस्तेमाल का शिक्षा, निर्माण, स्वास्थ्य क्षेत्र और रोजमर्रा के जीवन पर व्यापक असर होगा.

अमरीका के नेशनल साइंस फाउंडेशन की आर्थिक मदद से तैयार हो रहे प्रोजेक्ट में लगे सदस्यों का कहना है कि विशिष्ट तरीके के रोबोट का प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा.

प्रोजेक्ट की प्रवक्ता लीज़ा जॉय जोर्सकि का कहना था, "इसमें स्वचालन के प्रजातंत्रीकरण और उसे व्यक्ति विशेष की जरूरत के हिसाब से तैयार किए जाने की संभावना है. इसका इस्तेमाल किसी आकस्मिक स्थिति में तलाशी और बचाव कार्यों और शिक्षा के क्षेत्र में किया जा सकता है. समाज में इसका जो असर होगा उसकी संभावना असीम है."

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.