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भारतीय मूल की कीर्तन ब्रिटेन की सर्वोत्तम युवा वैज्ञानिक

 सोमवार, 19 मार्च, 2012 को 05:17 IST तक के समाचार
किर्तन वल्लभनेनी

किर्तन ने कहा कि वो चाहती है कि उनके जीत से दूसरे युवा भी प्रेरणा ले.

ब्रिटेन के मर्सीसाइड में रहने वाली भारतीय मूल की एक छात्रा को ब्रिटेन के इस साल के सर्वोत्तम युवा वैज्ञानिक का अवार्ड दिया गया है.

वेस्ट किर्बी ग्रामर स्कूल में पढ़ने वाली कीर्तन वल्लभनेनी ने शुक्रवार को बिर्मिंगघम शहर में आयोजित किए गए ‘द बिग बैंग फेयर’ में 360 प्रतियोगियों को पछाड़कर ये अवार्ड जीता.

सत्रह साल की कीर्तन लिवरपूल यूनिवर्सिटी के एक शोध परियोजना में सहयोगी थी जिसका उद्देश्य अमाशय कैंसर के लिए जिम्मेदार खतरनाक कोशिकाओं की पहचान करना था.

कीर्तन ने कहा कि वो उम्मीद करती है कि उनके इस उपलब्धि से दूसरे युवा भी प्रेरणा लेंगे और विज्ञान में रूचि लेंगे.

नामचीनों ने चुना किर्तन को

ब्रिटेन के इस राष्ट्रीय पुरस्कार के निर्णायक पैनल में नामचीन अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉक्टर मैगी एड्रिन-पिकॉक और नोबेल पुरस्कार विजेता सर टिम हंट के अलावा साइंस म्यूजियम के निर्माता मार्क चैंपकिंस की शामिल थे.

"किर्तन और दूसरे विजेताओं को देखकर लगता है कि देश का विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्र का भविष्य उज्जवल है."

डॉक्टर मैगी एड्रिन-पिकॉक, वैज्ञानिक

डॉक्टर मैगी एड्रिन-पिकॉक ने कहा कि वो वल्लभनेनी के काम से बेहद खुश हुई है.

उन्होंने कहा, ''किर्तन और दूसरे विजेताओं को देखकर लगता है कि देश का विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्र का भविष्य उज्जवल है.''

डॉक्टर मैगी ने आगे कहा, ''यही प्रतिभाशाली युवा लोगों को विज्ञानमें रुचि बनाए रखने के लिए प्रेरित करेंगे.''

कीमोथेरेपी से अमाशय की कोशिकाओं को अलग करने के शोध में प्रतिभागी रही किर्तन वल्लभनेनी ने कहा कि वो इस जीत से बेहद खुश है.

उन्होंने कहा, ''मैने पिछले कुछ सालों में जो मेहनत की है वो अब सफल हुआ.''

किर्तन ने कहा कि वो चाहती है कि उनके जीत से दूसरे युवा भी प्रेरणा ले.

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