'मंगल ग्रह पर बहते पानी की तस्वीरें'

वैज्ञानिकों का मानना है कि मंगल ग्रह पर मौजूद पहाड़ियों से ली गई ताज़ा तस्वीरें अब तक का सबसे पुख्ता साक्ष्य हैं कि इस ग्रह पर बहता हुआ पानी मौजूद है जो जीवन के लिए सबसे ज़रूरी तत्व है.

‘साइंस’ जर्नल में छपी यह रिपोर्ट नासा और स्विट्ज़रलैंड की ओर से की गई मिलीजुली खोज पर आधारित है.

मंगल ग्रह की इन सिलसिलेवार तस्वीरों में जगह-जगह लंबी, गाढ़ी रेखाएं नज़र आ रही हैं जो असल में बहती हुई धाराएं हो सकती हैं.

ये धाराएं कुछ मीटर तक चौड़ी हैं और पत्थरों के बीच से गुज़रती मैदानी सतह पर बहती दिख रही हैं.

जीवन की मौजूदगी के लिए पानी बेहद ज़रूरी है और अगर मंगल ग्रह पर बहता पानी मौजूद है तो संभव है कि गर्मियों के दौरान उसमें सूक्ष्म जीवाणु भी पनपते हों.

हालांकि ये धाराएं सिर्फ गर्मियों में ही दिखीं और ठंडे मौसम के साथ गायब हो गईं. वैज्ञानिकों का मानना है कि ये दर्शाता है कि ये धाराएं मिट्टी और गारे की बनी हो सकती हैं.

विशाल समुद्र

इस खोज अभियान से जुड़े वैज्ञानिक रिचर्ड ज़्यूरेक का कहना है, ''ये सोचना मुश्किल है कि तस्वीरों में दिख रही गाढ़ी रेखाएं पानी में अलावा और किसी चीज़ से बन सकती हैं. हालांकि जैसा तापमान इस ग्रह पर रहता वह पानी के लिए बेहद कम यानि ठंडा है.''

वैज्ञानिकों का मानना है कि मुमकिन है कि मंगल ग्रह पर मौजूद पानी बेहद नमकीन हो क्योंकि नमक पानी के जमने के तापमान को नियंत्रित कर सकता है.

हालांकि वैज्ञानिक मानते हैं कि इन तस्वीरों या खोज के दौरान मिले साक्ष्य फिलहाल इस तर्क पर मुहर लगाने के लिए काफी नहीं.

शोधकर्ताओं का कहना है कि जीवन की मौजूदगी के लिए पानी बेहद ज़रूरी है और अगर मंगल ग्रह पर बहता पानी मौजूद है तो संभव है कि गर्मियों के दौरान उसमें सूक्ष्म जीवाणु भी पनपते हों.

इससे पहले अमरीकी वैज्ञानिकों को इस बात के सबूत मिले थे कि मंगल ग्रह पर करोड़ों साल पहले विशाल समुद्र हुआ करते थे.

कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि मंगल पर जीवन के विकास के लिए पृथ्वी से अधिक अनुकूल परिस्थितियां थीं.

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