'अच्छी नींद लें, सफल बनें'

अच्छी नींद से कार्यक्षमता में होता है सुधार

एक वैज्ञानिक अध्ययन में अच्छी नींद लेने का एक बार फिर समर्थन किया गया है.

'स्लीप' नाम की एक पत्रिका में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि अच्छी नींद लेने से शारीरिक क्षमता में स्पष्ट सुधार होता है.

जब स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की पुरुष बास्केटबॉल टीम को क़रीब छह हफ़्तों तक हर रात 10 घंटे सोने को कहा गया तो उनके खेल के प्रदर्शन में नौ फ़ीसदी तक सुधार हो गया.

अमरीकी विश्वविद्यालय में किए गए शोध में ये पाया गया है कि बड़े एथलीटों के लिए अच्छी नींद और आराम, प्रशिक्षण और खान-पान की तरह ही महत्वपूर्ण हैं.

नींद को गंभीरता से नहीं लिया जाता

बास्केटबॉल खिलाड़ियों के साथ काम कर चुकी और स्टैनफ़ोर्ड के स्लीप डिसऑर्डर्स क्लीनिक एंड रिसर्च लेबोरेटरी से जुड़ी चेरी माह कहती हैं कि नींद को अक़्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है.

अच्छी नींद लेना सकारात्मक प्रक्रिया है जिससे जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है.

प्रोफ़ेसर डर्क जन डिज़्क

वो कहती हैं, ''वैसे तो सभी खिलाड़ी और कोच ये जानते हैं कि आराम करना और अच्छी नींद लेना महत्वपूर्ण है. लेकिन अक़्सर इसके साथ समझौता किया जाता है.''

शोधकर्ताओं ने खिलाड़ियों से दो से चार हफ़्ते तक अपनी सामान्य (छह से नौ घंटे) नींद लेने को कहा. उसके बाद खिलाड़ियों से कहा गया कि अगल पांच से सात हफ़्तों तक वे हर रात 10 घंटे सोने की कोशिश करें.

अध्ययन के दौरान खिलाड़ियों ने कॉफ़ी और अल्कोहल पीना छोड़ दिया. उनसे ये भी कहा गया कि अगर यात्रा करने की वजह से वो रात की 10 घंटे की नींद पूरी नहीं कर पा रहे तो दिन में सोने की कोशिश करें.

इस अध्ययन से पता चला कि अच्छी नींद लेने से खिलाड़ी ज़्यादा तेज़ी से दौड़ रहे थे, उनके प्रदर्शन में नौ फ़ीसदी तक सुधार हो गया था और उनमें थकान का स्तर भी कम हो गया था.

खिलाड़ियों ने भी सूचित किया कि प्रतियोगी बास्केटबॉल मुक़ाबलों के दौरान उनके प्रदर्शन में काफ़ी सुधार हुआ है.

बास्केटबॉल खिलाड़ियों पर किया गया अध्ययन

चेरी माह कहती हैं, ''शोध के नतीजों के मुताबिक़ लंबी अवधि के दौरान नींद को प्राथमिकता दिया जाना बेहद ज़रूरी है न कि केवल मैच से पहले वाली रात अच्छी तरह सोना.''

नींद में कमी

उन्होंने कहा कि शोध के नतीजे मनोरंजन करनेवाले खिलाड़ियों से लेकर ऊंचे स्तर के खिलाड़ियों पर भी लागू होते हैं.

अध्ययन शुरू होने से पहले माह और उनके सहकर्मियों ने पाया कि कई एथलीटों को दिन में सोने की ज़रूरत महसूस हो रही थी. इसका मतलब ये था कि कई दिनों तक पूरी नींद नहीं ले पाने के कारण उनकी नींद की ज़रूरत काफ़ी बढ़ गई थी.

सरे विश्वविद्यालय में स्लीप और फ़िज़ियोल़जी की प्रोफ़ेसर डर्क जन डिज़्क कहती हैं, ''अच्छी नींद लेना सकारात्मक प्रक्रिया है जिससे जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है.''

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