गर्भपात के बाद गर्भधारण में देरी न करें

गर्भावस्था

जिन महिलाओं की उम्र ज़्यादा हो गई हो उनमें गर्भपात का ख़तरा ज़्यादा होता है

डॉक्टरों का कहना है कि जिस महिला का गर्भपात हुआ हो वो छह महीने के अंदर दोबारा गर्भ धारण करे तो वो अपनी गर्भावस्था में सेहतमंद रहती है.

ऐबरडीन की यूनिवर्सिटी ने 30 हज़ार महिलाओं पर शोध किया है. शोध से सामने आया है कि गर्भपात के बाद छह महीने के अंदर गर्भधारण करना स्वस्थ गर्भावस्था के लिए सबसे बेहतरीन मौक़ा होता है.

शोध के नतीजे ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छापे गए हैं. ये नतीजे उन अंतरराष्ट्रीय दिशा निर्देशों के बिल्कुल विपरीत हैं जिनके अनुसार गर्भपात के बाद महिलाओं को दोबारा गर्भ धारण करने के लिए कम से कम छह महीन इंतज़ार करना चाहिए और दोबारा कोशिश उसके बाद ही करनी चाहिए.

जिन महिलाओं की उम्र ज़्यादा हो गई हो उनका गर्भपात होने का ख़तरा ज़्यादा होता है. ऐसे में अगर उनसे गर्भधारण के लिए इंतज़ार कराया जाए तो उनकी गर्भावस्था सफल होने की उम्मीदें कम हो जाती हैं.

सोहिनी भट्टाचार्य, प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर

डॉक्टरों ने कहा है कि इस शोध के बाद वो अपने मरीज़ों को दोबारा गर्भवती होने में कोई ख़तरा न होने का भरोसा दिला पाएंगे.
शोधकर्ताओं ने वर्ष 1981 से लेकर 2000 के बीच गर्भवती महिलाओं के आंकड़े देखे. इसमें उन गर्भवती महिलाओं के आंकड़े थे जिनका गर्भपात हो गया था और वो दोबारा गर्भवती हुई थीं.

प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर सोहिनी भट्टाचार्य का कहना है, "जो महिलाएं गर्भपात होने के तुरंत बाद दोबारा गर्भवती होना चाहती हैं उन्हें निरुत्साहित नहीं करना चाहिए. जिन महिलाओं की उम्र ज़्यादा हो गई हो उनका गर्भपात होने का ख़तरा ज़्यादा होता है. ऐसे में अगर उनसे गर्भधारण के लिए इंतज़ार कराया जाए तो उनकी गर्भावस्था सफल होने की उम्मीदें कम हो जाती हैं."

ख़तरे में कमी

इसके अलावा जो महिलाएं गर्भपात के बाद भी छह महीने के अंदर ही गर्भवती हो गई थीं, उनके बच्चे का जन्म समय से पहले होने का ख़तरा कम पाया गया था. यहां तक कि उनके बच्चे का वज़न भी उन महिलाओं के बच्चे के वज़न से बेहतर निकला जिन्होंने गर्भपात के बाद अगले छह महीने से एक साल के बीच दोबारा गर्भ धारण किया था.

पाँच में से लगभग एक गर्भावस्था में 24 हफ़्तों से पहले ही गर्भपात होने की आशंका होती है. ये ख़तरा उम्र के साथ भी बढ़ता रहता है.

ये शोध ओब्सटेट्रिक एपिडेमियोलोजी की लेक्चरर डॉक्टर सोहिनी भट्टाचार्य के नेतृत्व में किया गया है.

उन्होंने बताया कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाईज़ेशन के मौजूदा नियमों में सुझाव है कि अगर किसी महिला का गर्भपात हो गया हो तो उसे दूसरी बार गर्भवती होने के लिए कम से कम छह महीने का इंतज़ार करना चाहिए.

जब उम्र अधिक हो

30 या 40 साल की उम्र में मां बनने की तैयारी कर रही महिलाओं को अब ये भरोसा दिलाने में मदद मिलेगी कि अगर उनका गर्भपात हो गया तो दोबारा कोशिश करने के लिए उन्हें इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं होगी.

मैरी न्यूबर्न, शोध और सूचना की प्रमुख

उन्होंने बताया, “जिन महिलाओं की उम्र ज़्यादा हो गई हो उनका गर्भपात होने का ख़तरा ज़्यादा होता है. ऐसे में अगर उनसे गर्भाधारण के लिए इंतज़ार कराया जाए तो उनकी गर्भावस्था सफल होने की उम्मीदें कम हो जाती हैं.”

महिलाओं को गर्भाधाकण में इंतज़ार सिर्फ़ तभी करना चाहिए अगर उनमें किसी प्रकार का संक्रमण फैल गया हो हालांकि ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छह महीने से ज़्यादा का इंतज़ार करने पर ख़तरे की आशंका क्यों बढ़ जाती है.

एक सिद्धांत ये है कि समय के साथ प्रजनन में और ज़्यादा कमी आ सकती है. एक दूसरे सिद्धांत के अनुसार गर्भपात के तुरंत बाद अगर कोई महिला दूसरे बच्चे के लिए गर्भधारण की कोशिश करे तो हो सकता है कि ज़्यादा उत्साह में आकर वो एक स्वस्थ जीवन शैली अपना लें.

पेरेंटिंग चैरिटी में शोध और सूचना की प्रमुख मैरी न्यूबर्न ने कहा,"30 या 40 साल की उम्र में मां बनने की तैयारी कर रही महिलाओं को अब ये भरोसा दिलाने में मदद मिलेगी कि अगर उनका गर्भपात हो गया तो दोबारा कोशिश करने के लिए उन्हें इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं होगी."

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