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भारत के चंद्रयान अभियान को झटका

चंद्रयान

चंद्रयान को भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा था

अंतरिक्ष यान चंद्रयान में ख़राबी आने की खबर से भारत के चंद्र अभियान को झटका लगा है.

चंद्रयान को दिशा देनेवाले प्रमुख उपकरण में ख़राबी आ गई है जिसकी वजह से यह चांद की कक्षा में दो साल तक नहीं रह पाएगा.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमैन जी माधवन नायर ने विभिन्न टीवी चैनलों से बातचीत में स्वीकार किया कि चंद्रयान में तकनीकी ख़राबी आ गई है.

लेकिन उनका कहना था कि चंद्रयान में तकनीकी ख़राबी आने का मतलब यह नहीं है कि मिशन नाकाम हो गया है.

माधवन नायर का कहना था कि चंद्रयान ने अपना प्रारंभिक कार्य पूरा कर लिया है और ये अब भी जानकारियाँ भेज रहा है.

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु के नज़दीक और आंध्रप्रदेश की सीमा में स्थित श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान को 22 अक्टूबर, 2008 को रवाना किया गया था.

इस तरह भारत चाँद को यान भेजने वाला छठा देश बन गया था.

चंद्रयान का उद्देश्य चंद्रमा की सतह के विस्तृत नक्शे और पानी के अंश और हीलियम की तलाश करना था.

चंद्रयान को भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा था.

बीबीसी को जानिए

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