बीबीसी ने लीबिया के पूर्व नेता कर्नल गद्दाफ़ी के समर्थकों को यातना दिए जाने के और सबूत देखे हैं.
मिस्राता की एक सैन्य जेल में बंद इन लोगों को बुरी तरह से पीटा गया है और बिजली के झटके देकर यातनाएं दी गई हैं.
मिस्राता में सैन्य परिषद के प्रमुख ने कहा है कि उनके आदमी इन यातनाओं के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं.
इसी सप्ताह एमएसएफ़ नाम की सहायता एजेंसी ने मिस्राता में काम करना बंद कर दिया था. एजेंसी ने आरोप लगाया था कि उनके यहां इलाज के लिए लाए गए क़ैदियों को स्वस्थ होने के बाद फिर पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा है.
संयुक्त राष्ट्र ने भी लीबिया ने ऐसी जेलों को बंद करने के लिए कहा है.