शनिवार, 04 जुलाई, 2009 को 11:39 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर से
भारत प्रशासित जम्मू और कश्मीर के उच्च न्यायालय ने ने शोपियाँ में दो महिलाओं के साथ कथित बलात्कार के बाद हत्या के मामले में शवों को क़ब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है.
उच्च न्यायालय ने शोपियाँ में मामले की जाँच कर रहे विशेष जाँच दल (एसआईटी) के प्रमुख के रूप में एक महापुलिस निरीक्षक को नियुक्त किया है. वर्तमान में एसआईटी के प्रमुख एक पुलिस अधीक्षक हैं.
इस मामले में राज्य की बार एसोसिएशन की एक याचिका की सुनवाई करने के बाद उच्च न्यायालय ने दख़ल दिया. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियाँ क़य्यूम ने स्वयं अदालत में मामले की पैरवी की.
मियां क़य्यूम का कहना है कि उच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि सबूत नष्ट करने और फ़ॉरेंसिक अधिकारी पर जाँच में रुकावट डालने के आरोप में निलंबित किए गए चार पुलिसकर्मियों का नार्कोटिक परीक्षण भी किया जाए.
क़य्यूम ने बीबीसी से कहा कि उच्च न्यायालय ने दोनों महिलाओं के शवों को क़ब्र से निकालकर सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाध्यापक की देखरेख में दोबारा पोस्टमार्टम कराने का भी आदेश दिया है.
पूर्वानुमति का निर्देश
अदालत ने न्यायिक रजिस्ट्रार से दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए बलात्कार की कथित शिकार महिलाओं के परिजनों से भी पूर्व अनुमति लेने का निर्देश दिया है.
अदालत ने इस मामले के दो प्रमुख गवाहों का भी नार्कोटिक परीक्षण कराने का निर्देश जारी किया है.
अदालत ने एसआईटी को निर्देश दिया कि वह उन नागरिकों, पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बल के सदस्यों की एक सूची बनाएं जो दोनों महिलाओं के कथित बलात्कार और हत्या के दिन उस क्षेत्र में मौजूद थे.
ऐसे सभी नागरिकों, पुलिस कर्मियों और अर्धसैनिक बल के सदस्यों को बिना एसआईटी की अनुमति के क्षेत्र न छोड़ने का भी निर्देश दिया गया है.
उच्च न्यायालय ने पुलिस को बंजारा जाति के उस व्यक्ति को खोजने का भी निर्देश दिया है जिसने घटनास्थल पर उनके टेंट गाड़े. बताया जाता है कि शवों के मिलने से पहले ही वह व्यक्ति गायब हो गया था.
इन दोनों महिलाओं के शव 30 मई को एक नहर में मिले थे. ये दोनों 29 मई की शाम से लापता थीं.
इन महिलाओं के साथ कथित बलात्कार और हत्या की ख़बरों के बाद पूरे राज्य में व्यापक प्रदर्शन हो रहे थे.
इन प्रदर्शनों पर हुई पुलिस फ़ायरिंग में दो व्यक्तियों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए.
शोपियां में पिछले 36 दिनों से व्यापार बंद हैं. सरकार ने मामले में न्यायिक जाँच का आदेश दिया है.
उम्मीद है कि आयोग अपनी रिपोर्ट दस जुलाई को सौंप देगा.