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कश्मीर में जनजीवन सामान्य हुआ
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भारत प्रशासित कश्मीर में आठ दिनों से चल रही हड़ताल समाप्त हो गई है. दो महिलाओं की हत्या और बलात्कार के बाद वहाँ हड़ताल चल
रही थी.
कश्मीर के शोपियां में हफ्ते भर पहले मृत पाई गई दो महिलाओं के साथ 'बलात्कार की पुष्टि' सोमवार को की गई थी. शोपियां को छोड़कर घाटी के बाकी सब इलाक़ों में दुकानें और दूसरे प्रतिष्ठान खुल गए हैं. इसके अलावा शैक्षणिक संस्थान और सरकारी दफ़तर भी खुले हैं. काफ़ी दिनों बाद यातायात भी सामान्य रूप से चल रहा है. सड़कों पर खरीदारी करने वाले और आने-जाने वालों की चहल-पहल देखी जा सकती है. कई जगह तो बसें इतनी भरी हुई थीं कि यात्री बसों की छतों पर बैठे नज़र आए. बैंकों से पैसे निकालने के लिए भी वहाँ लंबी कतारें देखी जा सकती हैं. आठ दिन के बंद के दौरान ज़्यादातर जगह एटीएम भी बंद पड़े थे. प्रदर्शन अलगाववादी नेता सय्यद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि मंगलवार से वे रोज़मर्रा की तरह कामकाज करें. हालांकि उन्होंने पुरुष छात्रों से कहा है कि वे दोपहर में प्रदर्शन करें. शनिवार रात से ही गिलानी पुलिस की हिरासत में है. शोपियां की घटना के बाद से ही ज़्यादातर अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि मीरवाइज़ उमर फ़ारुक़ जैसे नेताओं को नज़रबंद किया गया था. मृत महिलाओं के परिवार वालों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना में इलाक़े के अर्धसैनिक बलों का हाथ है. इन दोनों महिलाओं के शव 30 मई को एक नहर में मिले थे. ये दोनों 29 मई की शाम से लापता थीं. |
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