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'अफ़ग़ानिस्तान में 60 चरमपंथी मारे गए'
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अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अमरीकी सेना का कहना है कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान की सेना के साथ मिलकर पिछले आठ वर्षों की अब तक की
सबसे बड़ी मादक पदार्थों की खेप पकड़ी है.
अमरीकी सेना का कहना है कि साथ ही हेलमंद प्रांत में ताज़ा संघर्ष में 60 चरमपंथी मारे गए हैं और संघर्ष के दौरान एक सौ टन अधिक मादक पदार्थ पकड़ा है. इसमें अफ़ीम, मोर्फीन, हेरोइन, हशीश और मादक पदार्थों को तैयार करने में इस्तेमाल के रसायन शामिल हैं. सेना ने एक बयान में कहा है कि इस तरह चरमपंथियों के एक बड़े अभियान को नाकाम कर दिया गया है. जानकार करते हैं कि दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के संघर्ष को मादक पदार्थों के कारोबार से ही आर्थिक मदद मिलती रही है. उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाली अफ़ीम का 90 फ़ीसदी उत्पादन अफ़ग़ानिस्तान में होता है. दक्षिणी हेलमंद प्रांत में देश में कुल अफ़ीम उत्पादन का क़रीब 66 फ़ीसदी उत्पादन होता है और इस क्षेत्र में तालेबान विद्रोही सक्रिय हैं और उन्हें इस कारोबार से चरमपंथियों को धन मिलता है. अमरीका का मानना है कि चरमपंथ और अफ़ीम की खेती से एक साथ निपटने की ज़रूरत है. |
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