गुरुवार, 08 जनवरी, 2009 को 15:49 GMT तक के समाचार
भारत मिसाइल निरोधक सुरक्षा प्रणाली ख़रीदने के लिए अमरीका से बातचीत कर रहा है. ये ख़बर ब्रितानी अख़बार फ़ाइनेंशियल टाइम्स ने छापी है.
अख़बार के मुताबिक दिल्ली में अमरीकी दूतावास से जानकारी मिली है कि दोनों के बीच वैज्ञानिक और तकनीकी स्तर पर बातचीत चल रही है.
अमरीका की योजना यूरोप में डिफ़ेंस शील्ड लगाने की थी पर इस कारण रूस के साथ कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है.
इस प्रणाली में रडार और मिसाइल निरोधक प्रणाली शामिल है जिससे बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट किया जा सकता है.
फ़ाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक भारतीय अधिकारियों को प्रणाली का कंप्यूटर सिमूलेशन यानी कंप्यूटर अनुरूपण करके दिखाया गया है और अधिकारियों ने मिसाइल टेस्ट में भी हिस्सा लिया.
अख़बार ने अमरीकी दूतावास के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है, “भारत हमारा सहयोगी है. हम उसे वो सब कुछ मुहैया करवाना चाहते हैं जिससे वो अपनी रक्षा कर सके. ये रणनीतिक साझेदारी की योजना का हिस्सा है.”
विवाद
अख़बार ने लिखा है कि भारत ने इसे ख़रीदने के बारे में अभी फ़ैसला नहीं लिया है. साथ ही एक पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से ये भी छापा गया है कि पाकिस्तान को भी इसे देखते हुए क़दम उठाने होंगे.
दिसंबर में अमरीका ने घोषणा की थी कि उसने अलास्का में अपने मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम का प्रणल परीक्षण किया है.
अमरीका का कहना है कि वो इस प्रणाली को यूरोप में इस्तेमाल करना चाहता है और ईरान जैसे देशों से आने वाली मिसाइलों का पोलैंड और चेक गणराज्य से जवाब देगा.
लेकिन रूस इसे अपने लिए ख़तरा मानता है और कहा है कि इसके बदले में वो भी मिसाइलें लगाएगा.
पिछले कुछ वर्षों में अमरीका और भारत के बीच आर्थिक और रक्षा मामलों में सहयोग बढ़ा है.
पिछले साल अक्तबूर में भारत-अमरीका परमाणु समझौता भी लागू किया गया जिसके बाद अमरीका भारत को परमाणु तननीक और ईंधन मुहैया कराएगा जबकि भारत अपने कुछ परमाणु संयंत्रों के मुआयने की अनुमति देगा.