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गुरुवार, 04 दिसंबर, 2008 को 21:30 GMT तक के समाचार

मोहनलाल शर्मा
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

दिल्ली हवाई अड्डे पर अफ़रा-तफ़री

दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार तड़के फ़ायरिंग की ख़बर के बाद सुरक्षाबलों ने इसे घेरे में ले लिया और कुछ देर के लिए वहाँ अफ़रातफ़री मची रही.

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ़) के डीआईजी उदयन बनर्जी ने बताया कि गोली जैसी आवाज़ की सूचना ज़रूर मिली थी, लेकिन न तो इसका कोई प्रत्यक्षदर्शी है और न ही खाली छर्रे मिले हैं.

उनका कहना था कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है.

हवाई अड्डा अब सामान्य रूप से काम कर रहा है लेकिन घटना की जाँच की जा रही है.

हालांकि इन ख़बरों के बाद कि हवाई अड्डे के गेट नंबर-4 पर फ़ायरिंग की आवाज़ सुनी गई है, हवाई अड्डे को सुरक्षाबलों ने घेरे में ले लिया था और कुछ समय के लिए आवाजाही बंद कर दी गई थी.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इन ख़बरों के बाद सीआईएसएफ़ के जवानों ने यात्रियों से जहाँ भी वे थे, वहीं ज़मीन पर लेट जाने को कहा था.

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत का कहना था,'' ये कोई चरमपंथी घटना नहीं थी. इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है.''

ग़ौरतलब है कि संभावित हवाई हमलों की सूचनाओं के बाद गुरुवार को भारत के सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी.

भारत के वायुसेना के प्रमुख फाली होमी मेजर ने कहा था कि सरकार को सूचना मिली है कि चरमपंथी भारत हवाई हमलों की योजनाएँ बना रहे हैं. इसको देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी.

कड़ी सुरक्षा

इसी तरह की चेतावनी की बात बुधवार को रक्षामंत्री एके एंटनी ने भी कही थी.

रक्षामंत्री एके एंटनी ने बैठक में सेना के तीनों प्रमुखों को बताया था कि ऐसी सूचना है कि भारत में चरमपंथी अमरीका में हुए 9/11 की तरह हवाई हमले कर सकते हैं.

समाचार एजेंसियों के अनुसार ख़ुफ़िया एजेंसियों ने सूचना दी थी कि बाबरी मस्जिद ध्वंस की बरसी पर चरमपंथी भारत में हमला करने के लिए प्रवेश कर सकते हैं.

इस सूचनाओं के बाद दिल्ली, बंगलौर और चेन्नई हवाई अड्डों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

बुधवार को हुई बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी ने सुरक्षा एजेंसियों और ख़ुफ़िया विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने की भी बात कही थी जिससे कि ख़ुफ़िया सूचनाओं पर कार्रवाई की जा सके.

वे चाहते थे कि सेना तटीय इलाक़ों में और वायुमार्गों पर सतर्कता बढ़ाए ताकि चरमपंथी हमलों को नाकाम किया जा सके.