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'आतंक के ख़िलाफ़ लड़ाई ने डर कम किया'
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विश्व स्तर पर आतंकवाद के ख़िलाफ़ जो लड़ाई छिड़ी है उसने लोगों में आतंकवाद के ख़िलाफ़ डर को कम किया है.
इसी लड़ाई ने जम्मू कश्मीर के लोगों के मन में भी आतंक के ख़िलाफ़ डर को कम किया है. आज जो इतनी बड़ी संख्या में लोग बाहर निकलकर वोट डाल रहे हैं उसमें इसका भी बड़ा हाथ है. लोगों को यह भी लगता है कि इस वक़्त लोगों को एक सही हुकूमत मिले जो उनकी मुश्किलों को हल कर सके, चाहे वो बेरोज़गारी हो या फिर भ्रष्टाचार. इसीलिए जो लोग कल सड़कों पर मसला-ए-कश्मीर को लेकर निकले थे आज मतदान केंद्रों के सामने खड़े होकर मतदान कर रहे हैं.
मुझे लगता है कि चुनाव और कश्मीर के मसले को अलग-अलग करके देखना होगा. आज जो वोट डाल रहे हैं वो कश्मीर मसले का हल भी चाहते हैं. जहाँ तक राजनीतिक चेतना की बात है तो वो जम्मू-कश्मीर के लोगों में पहले से ही रही है. 'राजनीति पर विचार' अलगाववादी गुटों की चुनाव बहिष्कार की अपील के बावजूद अगर लोग इतनी बड़ी संख्या में लोग वोट देने निकल रहे हैं तो लगता है कि अब समय आ गया है कि अलगाववादी गुटों को अपनी राजनीति पर एक बार फिर से विचार करना चाहिए और इन चुनावों ने उन्हें यह मौक़ा भी दिया है. महिलाएँ और युवा इतनी बड़ी संख्या में निकलकर बाहर आ रहे हैं तो वो इस बात का सबूत हैं कि वो घर पर बैठकर तंग आ गए हैं. उन्होंने देख लिया है कि वो चुनाव का बहिष्कार करते रहे और उनके काम पूरे नहीं हुए. अब वो उनको चुनेंगे जो उनके काम पूरे कर सकें. जहाँ तक हमारा सवाल है तो हमारा मुक़ाबला किसी एक पार्टी से नहीं है. चुनाव के नतीजे बताएँगे कि हुकूमत किसकी होगी और लेकिन हम उसके बाद ही तय करेंगे कि किसके साथ जाना है या नहीं जाना है. जम्मू में थोड़े दिन पहले कोई हमें देखना भी नहीं चाहता था लेकिन आज नेशनल कॉन्फ़्रेंस की रैलियों में जिस तरह भीड़ उमड़ रही है उससे दूसरी पार्टियों को हैरानी हो रही है. वहाँ हम सबसे ज़्यादा सीटें जीतकर आएँगे. भारत और पाकिस्तान के बीच अगर तनाव होता है तो इसका सीधा असर जम्मू कश्मीर के लोगों पर पड़ता है. मुंबई में जो कुछ हुआ उसके बाद शांति-प्रक्रिया को पटरी पर लाना मुश्किल होगा लेकिन हमने जंग करके देख लिया, फ़ौजें सीमा पर इकट्ठी करके देख लीं लेकिन इस मसले का हल बातचीत से ही निकल सकता है. इसलिए बातचीत चलती रहनी चाहिए. (बीबीसी संवाददाता विनोद वर्मा से श्रीनगर में हुई बातचीत के आधार पर) |
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