|
पेट्रोल पाँच और डीज़ल दो रुपए सस्ता
|
||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में आई भारी कमी के बाद सरकार ने पेट्रोल की क़ीमतों में पाँच रुपए और डीज़ल की
क़ीमतों में दो रुपए की कटौती की घोषणा की है.
यह कटौती शुक्रवार, पाँच दिसंबर को आधी रात के बाद से लागू हो जाएगी. एलपीजी और कैरोसिन की क़ीमतों के बारे में पेट्रोलिमय मंत्री मुरली देवड़ा ने किसी तरह के परिवर्तन की घोषणा नहीं की है. हालांकि पिछले महीने के अंत में ही पेट्रोलियम मंत्री ने कहा था कि 24 दिसंबर के बाद पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतों में कमी की जाएगी जब विधानसभा के चुनाव निपट जाएँगे. चुनाव के बीच की गई इस घोषणा पर दूसरे राजनीतिक दलों ने विरोध भी जताया था. उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतें 147 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 45 डॉलर के क़रीब आ गई हैं. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी के बाद सरकार ने जून में पेट्रोल की क़ीमतों में पाँच रुपए और डीज़ल की क़ीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की थी. एपीजी की क़ीमतों में 50 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी की गई थी. लाभ-हानि का गणित
जून में जब सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतें बढ़ाई थीं तो तेल कंपनियों को हो रहे भारी घाटे का हवाला दिया गया था. लेकिन अब आंकड़े बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में कमी के बाद से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम पिछले नवंबर से लाभ अर्जित कर रहे हैं. हालांकि पेट्रोलियम विभाग का कहना है कि मिट्टीतेल यानी कैरोसिन और रसोई गैस यानी एलपीजी में अभी भी तेल कंपनियों को बड़ा नुक़सान हो रहा है. अधिकारियों के अनुसार तेल कंपॉनियों को कैरोसिन में प्रति लीटर 22.40 रुपए और एलपीजी में प्रति सिलेंडर 343.49 रुपए का नुक़सान अभी भी हो रहा है. उनका कहना था कि इन दोनों का घाटा मिलाकर प्रतिदिन 80 करोड़ रुपए प्रतिदिन का घाटा तेल कंपनियों को होता है. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमतों में आई भारी गिरावट के बाद उम्मीद की जा रही थी कि पेट्रोल की क़ीमतों में दस रुपए प्रति लीटर और डीज़ल की क़ीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर की कटौती हो सकती है लेकिन कमी इसकी तुलना में कम ही हुई है. |
इससे जुड़ी ख़बरें
'तेल की क़ीमतों में कमी चुनाव के बाद'25 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
मंदी के बीच मंत्री आमने-सामने16 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस
मंदी की मार से तेल फिसला21 नवंबर, 2008 | कारोबार
तेल की क़ीमत सौ डॉलर से नीचे16 सितंबर, 2008 | कारोबार
तेल की क़ीमतें रिकॉर्ड स्तर पर30 जून, 2008 | कारोबार
पेट्रोल पाँच, डीज़ल तीन रुपए महंगा04 जून, 2008 | कारोबार
पेट्रोलियम की क़ीमतों पर विचार-विमर्श30 मई, 2008 | कारोबार
|
||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
|
|||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||