रविवार, 30 नवंबर, 2008 को 19:21 GMT तक के समाचार
चरमपंथियों से लोहा लेते हुए जान गँवाने वाले नेशनल सेक्युरिटी गार्ड यानी एनएसजी के मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के पिता ने साँत्वना देने आए केरल के मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया.
युवा मेजर संदीप मुंबई के ताज होटल को चरमपंथियों से मुक्त कराने की कार्रवाई में मारे गए थे.
उनके निधन के दिन केरल के मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन ने कोई शोक संदेश नहीं दिया था. लेकिन रविवार को वो राज्य के गृहमंत्री के साथ मेजर संदीप के पिता के उन्नीकृष्णन को सांत्वना देने बंगलौर स्थित उनके आवास पर पहुँचे.
अपने घर पर नेताओं को देख कर के उन्नीकृष्णन गुस्से से भड़क उठे. जैसे ही उन्हें पता चला कि केरल के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री उनके घर पर हैं, उन्होंने उन्हें चिल्लाते हुए घर से निकल जाने को कहा.
इससे पहले मेजर संदीप के पिता ने स्पष्ट कर दिया था कि वो नेताओं से नहीं मिलेंगे. आधे घंटे तक मुख्यमंत्री अच्युतानंद और उनके गृहमंत्री अपने सुरक्षा कर्मियों और साथ आए अन्य लोगों के साथ बाहर इंतजार करते रहे.
संदीप, अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और उनकी मां इस समय गहरे सदमे में हैं. अपने बेटे के अंतिम संस्कार के समय वे दुख से मूर्छित हो गई थीं.
बैरंग लौटाए जाने के बाद मुख्यमंत्री अच्युतानंदन ने पत्रकारों से सिर्फ़ इतना कहा कि वो शोकाकुल परिवार को ढाढस देने आए थे. वहीं केरल के गृह मंत्री का कहना था, "उन्होंने अपना बेटा खोया है और वो इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं."
एनएसजी के महानिदेशक जेके दत्त ने कहा था, "शुक्रवार को जब ताज में कार्रवाई चल रही थी तब संदीप ने अपने सहयोगियों को बचाने के लिए अकेले मोर्चा संभाला और मारे गए."