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शुक्रवार, 21 नवंबर, 2008 को 06:02 GMT तक के समाचार

'भारत वैश्विक मंदी से निपटने में सक्षम'

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भारत वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने में सक्षम है. उन्होंने उद्योग जगत से सरकार पर भरोसा रखने को कहा.

उन्होंने कहा कि मौजूदा विश्वव्यापी आर्थिक मंदी कब तक चलेगी और इसका असर कितना होगा, इसको लेकर संशय बरकरार है लेकिन भारत में अगर सभी मिल कर इसका मुक़ाबला करें तो इससे निपटा जा सकता है.

आर्थिक मुद्दों पर एकजुटता के आह्वान के अलावा मनमोहन सिंह ने विभाजनकारी राजनीति को देश के लिए ख़तरनाक बताते हुए इसके ख़िलाफ़ भी एकजुट होने की अपील की.

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उन्होंने कहा, "राजनीति की प्रतिस्पर्धा में किसी को जनता को जाति, जन्म और धर्म के आधार पर बाँटने नहीं दिया जा सकता. बहुसांस्कृतिक समाज का सम्मान और सबसे सहयोग ही लोकतंत्र का आधार है."

नई दिल्ली में हिंदुस्तान टाइम्स की ओर से आयोजित 'लीडरशिप समिट' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि घरेलू आर्थिक गतिविधियों के बूते आठ फ़ीसदी विकास दर हासिल की जा सकती है.

'सुधार की ज़रूरत'

उनका कहना था, "हमारे पास मौजूदा संकट से निपटन के लिए उपाय और संसाधन हैं. हमारी सरकार इसके लिए हर संभव क़दम उठाने को तैयार है."

उन्होंने आर्थिक संकट के लिए कुछ देशों की नियामक प्रणाली की खामियों को ज़िम्मेदार ठहराया.

मनमोहन सिंह का कहना था, "यह एक वैश्विक समस्या है. ये तो तय है कि हमें पूरी प्रणाली पर विचार करना होगा. जी-8 की बैठक में इस पर चर्चा भी हुई."

उनका कहना था, "अभी तक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों का प्रबंधन कुछ देशों के हाथों में सिमटा था लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाने पर सहमति हुई है."

भारतीय प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि जी-8 की बैठक से एक अच्छी शुरुआत हुई है.

उन्होंने कहा, "हम अगले साल 31 मार्च से पहले फिर मिलेंगे. तब अमरीका में कमान बराक ओबामा के हाथ में होगा. लेकिन बुश ने हमें भरोसा दिया है कि वो सभी मुद्दों पर ओबामा से संपर्क में हैं."