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शुक्रवार, 21 नवंबर, 2008 को 21:40 GMT तक के समाचार

अफ़ग़ानिस्तान: 'नई रणनीति की ज़रूरत'

अमरीकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए नैटो सेना को अपनी सामरिक रणनीति सुधारनी होगी.

गेट्स ने कहा है कि दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में नैटो गठबंधन सेना के अभियान के लिए एक कमांड को ज़िम्मेदारी दिए जाने की ज़रूरत है.

दरअसल, ताज़ा व्यवस्था के तहत अलग-अलग नैटो सदस्य देशों की सेनाएं अपने कमांड के आदेश के अनुरूप काम करती हैं.

पर गेट्स का सुझाव है कि ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे एक ही कमांड को यह तय करने का अधिकार हो कि किसी भी सदस्य देश के सैनिकों को कब और कहाँ मोर्चे पर भेजना है.

गेट्स कनाडा में नैटो के सदस्य देशों के रक्षामंत्रियों से बातचीत कर रहे थे जिस दौरान उन्होंने सामरिक रणनीति में बदलाव की पैरवी की.

दरअसल, नैटो के सदस्य देशों के लिए यह एक चिंता का सवाल बना हुआ है कि उनके अभियान के बावजूद तालेबान को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सका है.

नैटो बनाम तालेबान

ऐसा भी बताया जा रहा है कि कुछ जगहों पर तालेबान अपना प्रभाव और बढ़ा पाने में सफल रहे हैं और नैटो के लिए यह और चुनौतीपूर्ण स्थिति है.

वर्तमान समय में क़रीब 18 हज़ार सैनिकों की मदद से अमरीकी नेतृत्ववाली नैटो गठबंधन सेना अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान विरोधी अभियान चला रही है.

जहाँ इस अभियान की कोशिश है कि देश से तालेबान या तालेबान समर्थक चरमपंथियों को ख़त्म किया जाए वहीं तालेबान की ओर से नैटो सेना को लगातार चुनौती का सामना भी करना पड़ रहा है.

तालेबान विरोधी अभियान में कई सैनिकों की भी मौत हुई है. नैटो के अभियान को लेकर अफ़ग़ानिस्तान में तैनात कमांडर भी कभी कभी उपेक्षा और संसाधनों के अभाव का मुद्दा उठाते रहे हैं.

पर इस बार अमरीकी रक्षामंत्री ने संसाधनों के सवाल पर केंद्रित होने के बजाय रणनीति को बदलने और सुधारने पर बल दिया है. उनका मानना है कि केंद्रीय भूमिका में एक कमांड तय किए जाने से अभियान में बिखराव की गुंजाइश कम रहेगी और अभियान ज़्यादा प्रभावी होगा.