रविवार, 05 अक्तूबर, 2008 को 14:49 GMT तक के समाचार
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल रहे संकेतों के अनुसार ईरान बिना भारत को साथ लिए भी सिर्फ़ पाकिस्तान के साथ गैस पाइप लाइन के समझौते पर आगे बढ़ सकता है.
नेशनल ईरानियन गैस एक्सपोर्ट कंपनी के निदेशक रज़ा कसेई ज़ादेह ने कहा कि ईरान अब पाकिस्तान के साथ समझौता करने की दिशा में चर्चा कर रहा है.
साथ ही उनका कहना था कि हालाँकि ईरान तो भारत और पाकिस्तान को साथ लेकर त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहता है मगर अब भारत के अलावा किसी तीसरे पक्ष को लेने की संभावना पर भी विचार हो रहा है.
लगभग 27 हज़ार किलोमीटर लंबी ये गैस परियोजना सात अरब डॉलर की मानी जाती है.
ईरानी चिंता
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार ईरान के तेल मंत्री ग़ुलाम हुसैन नौज़ारी ने भी कहा कि अगर भारत इस परियोजना में शामिल नहीं भी होता तो ईरान पाकिस्तान के साथ ही समझौते पर आगे बढ़ेगा.
वैसे जून महीने में ही भारतीय तेल मंत्री मुरली देवड़ा ने जेद्दा में ईरानी तेल मंत्री से मुलाक़ात के बाद विश्वास व्यक्त किया था कि जल्दी ही भारत इस समझौते पर हस्ताक्षर कर देगा.
और उससे पहले अप्रैल में जब ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनिजाद भारत की यात्रा पर आए थे तो उन्होंने उस समय कहा था कि अगले 45 दिनों में इससे जुड़े सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएँगे.
मगर ट्रांज़िट शुल्क और पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर ये परियोजना बार बार अटकती रही है.
इस तरह की ख़बरें भी आती रही हैं कि अमरीकी दबाव के कारण ईरान के साथ गैस परियोजना में देर हो रही है. मगर भारत इससे इनकार करता आया है.
इस बीच ईरान ने भारत और अमरीका के परमाणु सहयोग पर चिंता व्यक्त की है.
ईरान के परमाणु ऊर्जा आयोग के उपाध्यक्ष मोहम्मद सईदी ने कहा कि ये समझौता परमाणु अप्रसार संधि की अहमियत को कम करता है.