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शुक्रवार, 25 जुलाई, 2008 को 08:24 GMT तक के समाचार

'तालेबान के ख़िलाफ़ क़दम उठाए पाक'

अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने पाकिस्तान से कहा है कि वह सीमावर्ती इलाक़ों से अफ़ग़ानिस्तान पर तालेबान के हमले रोकने के लिए और क़दम उठाए.

विदेश मंत्री राइस ने कहा कि नियंत्रण के हिसाब से उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रांत पाकिस्तान के लिए कठिन इलाक़ा है लेकिन वहाँ चरमपंथियों को इस बात की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वे सीमा पार हमलों की योजना बनाएँ और उसे अंज़ाम दें.

कोंडोलीज़ा राइस ने ये बातें ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान कहीं है.

ऑस्ट्रेलिया ने अफ़ग़ानिस्तान में किसी भी ग़ैर-नैटो देश की तुलना में ज़्यादा सैनिक भेजने के वादा किया है.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने हाल ही में सीमांत प्रांत में क़बायली नेताओं के ज़रिए चरमपंथियों से समझौता किया है और इससे अमरीका ख़ुश नहीं है.

हिंसा

पिछला कुछ समय अफ़ग़ानिस्तान के लिए बहुत हिंसक रहे हैं.

दो महीनों में अफ़ग़ानिस्तान में इराक़ की तुलना में ज़्यादा सैनिकों की मौत हुई है.

अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगा पाकिस्तान का अर्ध-स्वायत्तशासी क़बायली इलाक़ा तालेबान चरमपंथियों के लिए अभयारण्य की तरह रहा है और वहाँ से तालेबान अफ़ग़ानिस्तान पर हमले करते रहे हैं.

अब अमरीकी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान से कहा है कि वह इन हमलों को रोकने के लिए और क़दम उठाए.

कोंडोलीज़ा राइस का बयान ऐसे समय पर आया है जब अमरीकी और नैटो के अधिकारी पाकिस्तान की नई सरकार के चरमपंथियों से समझौते के फ़ैसले पर नाराज़गी ज़ाहिर कर चुके हैं.

राइस का बयान ऐसे समय पर आया है जब कुछ ही दिनों बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से व्हाइट हाउस में मिलने वाले हैं.