शुक्रवार, 25 जुलाई, 2008 को 09:52 GMT तक के समाचार
दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक की राजधानी बंगलौर में शुक्रवार की दोपहर एक के बाद एक सात विस्फोट हुए हैं.
इन धमाकों में दो लोग मारे गए हैं और सात अन्य लोग घायल हो गए हैं.
बंगलौर के पुलिस कमिश्नर शंकर बिदरी ने मीडिया को बताया कि ये सभी विस्फोट कम शक्तिशाली बमों से किए गए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि ज़्यादातर विस्फोट भीड़ भरे इलाक़ों में हुए हैं और वहाँ कई आईटी कंपनियों के कार्यालय भी हैं.
बंगलौर के अलावा दिल्ली और मुंबई सहित देश के सभी बड़े शहरों में हाईअलर्ट घोषित किया गया है.
उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने इन विस्फोटों की भर्त्सना करते हुए कहा है कि यह निंदनीय और कायरतापूर्ण काम है.
प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को एक-एक लाख रूपए और घायलों के लिए 50-50 हज़ार रूपए की राहत राशि भी घोषित की गई है.
कम तीव्रता के बम
जिन स्थानों पर विस्फोट हुए हैं उनमें मडिवाला, आडुगुडी, होसुर रोड, मैसूर रोड, नयनडहल्ली और कोरमंगला हैं.
पुलिस के अनुसार मडिवाला बस स्टॉप पर हुए विस्फोट में एक महिला की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया है.
अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट शुक्रवार को दोपहर डेढ़ बजे के बाद हुए.
पुलिस कमिश्नर के अनुसार सुरक्षा बलों ने घटनास्थल की घेरेबंदी कर ली है और जाँच शुरु कर दी है.
उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर बम निरोधक दस्ते को भी भेजा गया है.
पुलिस कमिश्नर शंकर बिदरी ने बंगलौर के लोगों से अपील की है कि वे घबराएँ नहीं और अपना सामान्य कामकाज जारी रखें.
उन्होंने कहा, "यह बंगलौर की शांति को नुक़सान पहुँचाने की कोशिश है. हम अपराधियों को जल्दी ही गिरफ़्तार कर लेंगे."
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिसंबर, 2005 में बंगलौर में चरमपंथी हमला हुआ था.
तब सुप्रसिद्ध इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस में चरमपंथियों ने गोलियाँ बरसाईं थीं जिसमें एक प्रोफ़ेसर की मौत हो गई थी.