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सोमवार, 07 जुलाई, 2008 को 05:46 GMT तक के समाचार

धमाके में चार भारतीयों समेत 41 मारे गए

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के बीचोबीच स्थित भारतीय दूतावास पर आत्मघाती हमला हुआ है.

भारतीय सेना के एक ब्रिगेडयर और भारतीय विदेश सेवा के एक अधिकारी समेत चार भारतीय इस हमले में मारे गए हैं.

इस हमले में कुल 41 लोग मारे गए हैं और लगभग 140 लोग घायल हो गए हैं. अफ़ग़ानिस्तान के सरकारी अधिकारियों ने बताया है कि विस्फोटकों से भरी हुई एक कार को आत्मघाती हमलावर ने भारतीय दूतावास के गेट पर दे मारा.

भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संवाददाताओं के बताया, "भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय विदेश सेवा के एक अधिकारी, भारत-तिब्बत सीमा बल (आईटीबीपी) के दो कर्मचारी और दूतावास में काम करने वाले एक अफ़ग़ान नागरिक मृतकों में शामिल हैं."

इस हमले में भारतीय दूतावास के दो वाहन नष्ट हुए हैं. भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुधांशु कार ने बीबीसी को बताया, "डिफ़ेंस अताशे ब्रिगेडियर आरडी मेहता के इस धमाके में मारे जाने की पुष्टि हुई है. हमें किसी अन्य सैन्य अधिकारी के मारे जाने की ख़बर नहीं है."

भारत सरकार ने कहा है, "भारतीय दूतावास पर हुए हमले पर हमें अफ़सोस है. लेकिन ये हमले हमें अफ़ग़ानिस्तान की सरकार और उसके लोगों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाने से नहीं रोक पाएँगे."

भारत के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसका का एक विशेष विमान काबुल जाएगा ताकि विदेश मंत्रालय में सचिव नलिन सूरी के नेतृत्व में एक टीम मृतकों के शवों को भारत वापस लाएगी.

आत्मघाती हमला

जब धमाका हुआ तब लोग दूतावास में वीज़ा आवेदन देने के लिए लाइन में लगे थे.

महत्वपूर्ण है कि काबुल में भारतीय दूतावास अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय की इमारत के ठीक सामने स्थित है. पिछले कुछ समय में अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के हमलों में तेज़ी आई है और कई इलाक़ों में हमले हुए हैं.

अख़बार बेचने वाले एक प्रत्यक्षदर्शी अब्दुल रज़्ज़ाक़ ने बीबीसी को बताया, "मैनें देखा कि इमारतों से शीशा गिर रहा था और फिर पूरा इलाक़ा एंबुलेंस, पुलिस और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और सहायता बल के लोगों से भर गया."

समाचार एजेंसी एपी ने रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद ज़ाहिर अज़ीमी के हवाले से कहा कि पाँच लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

स्थानीय पुलिस ने बीबीसी को बताया कि यह एक आत्मघाती हमला था जो शहर के केंद्र में गृह मंत्रालय और भारतीय दूतावास के पास हुआ.

भारतीय दूतावास और अफ़गानिस्तान का गृह मंत्रालय सोवियत काल की बनाई हुई मज़बूत इमारतें हैं.

प्रारंभिक रिपोर्टो में प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा गया है कि घटनास्थल पर पुलिस और एबुलेंस घायलों को अस्पताल ले जा रहे हैं.

पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के पास ज़बर्दस्त धुआं देखा जा रहा है और पूरे क्षेत्र को एहतियात के तौर पर घेर लिया गया है.

बीबीसी के मार्टिन पेशेंस ने क़ाबुल से बताया है कि फ़िलाहाल किसी ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.