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रविवार, 06 जुलाई, 2008 को 07:54 GMT तक के समाचार
 
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मनमोहन रवाना होने के लिए तैयार
 
मनमोहन सिंह
मनमोहन सिंह जापान में अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाक़ात करेंगे
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जापान में होने वाले जी-8 सम्मेलन में भाग लेने के लिए सोमवार सात जुलाई को रवाना हो रहे हैं जहाँ अमरीकी राष्ट्रति जॉर्ज बुश से उनकी मुलाक़ात होगी.

विदेश सचिव शिव शंकर मेनन ने मीडिया को यह जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेता बुधवार को मिलेंगे और परमाणु संधि के साथ साथ आपसी हितों के दूसरे मुद्दों पर बातचीत करेंगे.

इसके अलावा भारत, चीन, ब्राज़ील, मैक्सिको और दक्षिण अफ़्रीका की भी एक बैठक होगी.

जापान में जी-आठ के प्रमुख मुद्दों में खाद्य और तेल के बढ़ती कीमतें, अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता, पर्यावरण संकट और ज़िम्बाब्वे में चल रहे राजनीतिक विवाद शामिल हैं.

यह सम्मेलन जापान के उत्तर में स्थित एक निर्जन द्वीप हुकाइदो में एक रिसॉर्ट पर आयोजित किया जा रहा है जहाँ क़रीब 20 हज़ार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे.

विरोध प्रदर्शन

सोमवार को शुरू हो रहे इस सम्मेलन से तीन दिन पहले से ही इसका विरोध करने वाले लोग एकत्र होने शुरू हो गए हैं.

पुलिसकर्मी
इस साल के सम्मेलन में सबसे ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

अमरीका के एक अधिकारी ने कहा कि एकत्र हुए लोग संभवत ज़िम्बाब्वे में विवादास्पद राष्ट्रपति चुनाव के लिए राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे के प्रति कड़ा विरोध प्रकट करेंगे.

सम्मेलन में शामिल आठ देशों में ब्रिटेन, कनाडा, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, रूस और अमरीका हैं.

इन देशों के नेता रविवार से पहुँचने शुरू हो गए हैं. अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश भी अपना जन्मदिन मनाने के लिए जापान पहुँच गए हैं.

चीन, भारत और दक्षिण अफ़्रीका इस सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य देश हैं.

कार्रवाई की माँग

सम्मेलन के आयोजन स्थल के नज़दीक स्थित सपोरो शहर में शनिवार से ही एकत्र हुए हज़ारों प्रदर्शनकारी जी-8 नेताओं से जलवायु परिवर्तन, ग़रीबी और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर कार्रवाई करने की माँग कर रहे हैं.

पुलिस के साथ हुए हल्की हाथापाई में चार लोग ग़िरफ़्तार किए गए हैं.

प्रदर्शनकारी
तिब्बत जैसे अनेक मुद्दों पर सम्मेलन में चर्चा हो सकती है

बीबीसी के क्रिस होग ने कहा कि जापानी अधिकारियों ने पिछले साल कहा था कि सम्मेलन का मुख्य विषय जलवायु परिवर्तन पर आधारित होगा जिसमें क्योटो संधि के अनुसार ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन पर कमी करने के लिए समझौता किया जाएगा.

जापानी प्रधानमंत्री यासुओ फ़ुकुदा ने कहा था कि वे ऐसा समझौता करना चाहते हैं जिसमें 2050 तक ग्रीनहाउस गैसों में 50 फ़ीसद की कमी कर दी जाए.

लेकिन खाद्य और तेल की बढ़ती क़ीमतों और विश्व की अर्थव्यवस्था पर इसके असर की वजह से दुनिया के गरीब देशों के लिए मुद्दा बदल गया है.

इन्हीं मुद्दों की वजह से चीन, भारत और कुछ अफ़्रीकी देशों को भी इस सम्मेलन में बुलाया गया है.

जापानी समाचार पत्र आशी शिंबुन ने रिपोर्ट दी है कि जी-आठ देश खाद्य पदार्थों के रिज़र्व के लिए ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जिससे कीमतों पर नियंत्रण किया जा सके.

ज़िम्बाब्वे की हिंसा

पिछले दिनों कई देशों में खाद्य की कीमतों को लेकर हिंसा हुई है और विश्व बैंक का कहना है कि पिछले तीन सालों में इनकी संख्या दोगुनी हो गई है.

दूसरा प्रमुख मुद्दा उत्तरी कोरिया के परमाणु कार्यक्रम का होगा.

दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति थाबो म्बेकी इस सम्मेलन में ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे के साथ ज़िम्बाब्वे में पिछले महीने हुए चुनाव के विवाद पर बातचीत करेंगे.

ज़िम्बाब्वे मामले में मुख्य स्थानीय मध्यस्थ रहे म्बेकी मुगाबे पर राष्ट्रीय एकता की सरकार बनाने के लिए दबाव डाल रहे हैं.

जापान जाते वक्त व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि मुगाबे ने जो भी किया, जी-8 उसके लिए कड़ा विरोध दर्ज करेगा.

 
 
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