|
'सौर ऊर्जा के इस्तेमाल पर ज़ोर'
|
||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भारत की राष्ट्रीय कार्य योजना की शुरुआत करते हुए ग्लोबल
वार्मिंग पर चिंता व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए दीर्घकालीन रणनीति बनाना आवश्यक है. प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन के ख़तरों से निबटने के लिए ऊर्जा के टिकाऊ स्रोतों पर ध्यान देने पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत के सतत विकास के लिए सौर ऊर्जा के इस्तेमाल की पहल पर ध्यान देना इस योजना के केंद्र में है. प्रधानमंत्री का कहना था, "जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए एक चुनौती है. इसका मुकाबला दुनिया के देशों के बीच आपसी सहयोग और परस्पर तालमेल से ही संभव है." उन्होंने कहा कि धनी देशों की तुलना में भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन काफ़ी कम है. नैतिक ज़िम्मेदारी उल्लेखनीय है कि सात जुलाई से जापान में होने वाले जी-आठ देशों के सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन पर चर्चा होने की संभावना है. इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन भाग लेने जा रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में अंतराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग करने के लिए तैयार है. मनमोहन सिंह ने कहा, "वातावरण में ग्रीन हाउस गैस के इकट्ठा होने की वजह से होने वाले जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए ख़तरा है." उन्होंने कहा, " हम अपनी वैज्ञानिक, तकनीक और प्रबंधकीय क्षमताओं का उपयोग कर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध सौर्य ऊर्जा का इस्तेमाल अर्थव्यवस्था के विकास में करेंगे." उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाना हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है. |
इससे जुड़ी ख़बरें
प्राकृतिक आपदाओं से नहीं निपट पातीं सरकारें 10 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस
'जलवायु परिवर्तन के गंभीर परिणाम होंगे'09 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस
'कार्बन उत्सर्जन:अमीर ज़्यादा दोषी'13 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
पिघलते ग्लेशियरों के ख़तरे...12 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
उड़ीसा में चढ़ते तापमान से लोग बेहाल21 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस
'ग्लोबल वार्मिंग पर हमारी चिंताएँ अलग'06 मई, 2007 | भारत और पड़ोस
|
||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
|
|||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||