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शनिवार, 28 जून, 2008 को 17:19 GMT तक के समाचार
 
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दीपा का दीपक बनना अब मुमकिन नहीं
 

 
 
दीपा घोष
दीपा का आरोप है कि अजित के कहने पर ही वह ऑपरेशन करवाकर लड़का से लड़की बनी
दार्जिलिंग ज़िले में सिलीगुड़ी की दीपा घोष के जीवन में कुछ दिन पहले तक सब ठीक-ठाक था. कुछ दिनों पहले तक उनका नाम दीपक घोष था.

लेकिन अपने समलैंगिक मित्र अजित मंडल के बार-बार कहने पर कथित तौर पर उससे शादी करने के लिए दीपक ने ऑपरेशन के जरिए अपना लिंग परिवर्तन कराया और दीपक से दीपा बन गया.

यहीं से उसकी परेशानियों का सिलसिला शुरू हो गया. युवक से युवती बनने के बाद उसमें अजित की दिलचस्पी धीरे-धीरे कम हो गई.

उससे शादी तो दूर, शादी के डर से अजित बीते सप्ताह घर से ही फ़रार हो गया.

धोखा

 पहले तो अजित लगातार मुझ पर लड़की बनने का दबाव डालता रहा. उसका कहना था कि हम शादी कर लेंगे. मैंने भी काफ़ी सोच-विचार के बाद उसकी बात मान ली
 
दीपा उर्फ़ दीपक घोष

अब दीपा न घर की रही है और न घाट की. जिस प्रेमी से शादी के लिए उसने जीवन का इतना बड़ा फैसला (लिंग परिवर्तन का) किया, उसने आंखें फेर लीं.

मुसीबत यह है कि अब वह दीपा से दीपक भी नहीं बन सकती है.

थक-हार कर उसने सिलीगुड़ी थाने की न्यू जलपाईगुड़ी पुलिस चौकी में अजित के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है.

रांगापानी की रहने वाली दीपा ने अपनी शिकायत में कहा है कि अजित ने उस पर शादी के लिए लिंग परिवर्तन कराने का दबाव डाला था. लेकिन तीन महीने पहले हुए इस ऑपरेशन के बाद से वह कन्नी काटने लगा है.

पुलिस चौकी के प्रभारी पंकज थापा बताते हैं, "यह काफ़ी अनोखा मामला है. लेकिन दीपा की शिकायत के आधार पर पुलिस उसके फ़रार प्रेमी को तलाशने का प्रयास कर रही है."

शिकायत में बताया गया है कि अजित से दीपक दो साल पहले मिला था. उसके बाद दोनों एक-दूसरे के काफ़ी करीब आ गए और उनके समलैंगिक संबंध बन गए.

'बार गर्ल'

 सिलीगुड़ी में मिलने पर अजित ने शादी से साफ़ इनकार कर दिया. उसके अगले दिन वह किसी को कुछ बताए बिना फ़रार हो गया
 
दीपा

एक साल बाद दीपक एक नौकरी के सिलसिले में मुंबई चला गया. लेकिन दोनों के बीच फ़ोन और ख़तों के ज़रिए संपर्क बना रहा.

इस बीच, अजित उस पर लिंग परिवर्तन के लिए लगातार दबाव डालता रहा. आख़िर दीपक मुंबई में एक ऑपरेशन के ज़रिए दीपा बन गया.

उसके बाद एक परिचित की सहायता से उसने मुंबई में ही बार गर्ल की नौकरी कर ली.

दीपा बताती है, "पहले तो अजित लगातार मुझ पर लड़की बनने का दबाव डालता रहा. उसका कहना था कि हम शादी कर लेंगे. मैंने भी काफ़ी सोच-विचार के बाद उसकी बात मान ली."

वह बताती है, "ऑपरेशन कामयाब रहने के बाद अचानक अजित का रवैया बदलने लगा. वह मुझसे कन्नी काटने का प्रयास करने लगा. न फ़ोन पर बात करता था और न ही पत्रों का जवाब देता था.
इसलिए मैंने बीते सप्ताह मुंबई से सिलीगुड़ी लौटने का फ़ैसला किया."

दीपा का कहना है, "सिलीगुड़ी में मिलने पर अजित ने शादी से साफ़ इनकार कर दिया. उसके अगले दिन वह किसी को कुछ बताए बिना फ़रार हो गया."

'साज़िश'

पुलिस अधिकारी थापा कहते हैं, "अजित के घरवालों को उसके समलैंगिक होने की कोई जानकारी नहीं है. उनके मां-बाप का कहना है कि दीपा उनके 23 साल के भोले-भाले बेटे को फंसाने की साज़िश रच रही है."

लेकिन अजित के प्यार में पागल दीपा अब भी उसे माफ़ करने को तैयार है.

मुंबई में नौकरी से बढ़िया पैसे कमाने वाली दीपा कहती है, "पैसा मेरे लिए कोई समस्या नहीं है. पर मैं अजित से प्यार करती हूं. उससे शादी कर मैं अपना सपना पूरा करना चाहती हूं. लेकिन उसे मेरे प्यार के अपमान का कोई अधिकार नहीं है."

दीपा का सपना पूरा होता है या नहीं, यह तो समय बताएगा लेकिन फिलहाल सिलीगुड़ी पुलिस उसके कथित प्रेमी अजित की तलाश में जुटी है.

 
 
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