शुक्रवार, 16 मई, 2008 को 01:32 GMT तक के समाचार
उच्चतम न्यायालय ने पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के उस फ़ैसले पर रोक लगा दी है जिसमें यह कहा गया था कि पंजाब में सिख अल्पसंख्यक नहीं हैं.
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी.
पिछले साल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के उस अधिसूचना को रद्द कर दिया था जिसके मुताबिक़ पंजाब में सिखों को अल्पसंख्यक बताया गया था.
इस अधिसूचना में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चलाए जा रहे शिक्षण संस्थाओं में सिखों के लिए 50 फ़ीसदी आरक्षण की मांग की गई थी.
पंजाब सरकार ने उच्चतम न्यायालय के फ़ैसले का स्वागत किया है.
पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल एचएस मतेवाल ने कहा, "हम हमेशा ये मानते आए हैं कि पंजाब में सिख अल्पसंख्यक हैं. इससे हमें सिखों के उत्तथान में मदद मिलेगी."
उच्च न्यायालय ने अपने फ़ैसले में कहा था कि पंजाब में सिखों की आबादी कुल आबादी का 52 फ़ीसदी है, इसलिए उसे पंजाब में अल्पसंख्यक नहीं कहा जा सकता है.
याचिकाकार्ताओं ने न्यायालय के इस फ़ैसले पर आपत्ति की थी और कहा था कि प्रदेश में ढेर सारे पंथ हैं और हर पगड़ी पहनने वाला व्यक्ति
सिख नहीं है.
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