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गुरुवार, 15 मई, 2008 को 14:30 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

उत्तर प्रदेश में अंधड़ ने मचाई तबाही

उत्तर भारत में बुधवार सुबह आई तेज़ आंधी और बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है जिससे जान-माल का भारी नुक़सान हुआ है.

इस अंधड़ से अकेले उत्तर प्रदेश में 94 लोग मारे गए और अनेक गंभीर रूप से घायल हो गए.

लगभग 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आई आंधी से दूर दराज़ के गाँवों में ज़्यादा नुक़सान पहुँचा है, जहाँ से नुक़सान की सही तस्वीर अभी भी सामने नहीं आई है.

इसलिए आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.

जानकारों का कहना है कि राज्य में इससे पहले इतनी तेज़ आंधी 21 मई 1989 को आई थी.

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त जीके टंडन ने बीबीसी को बताया, "बुधवार देर रात एक बजे तक हमारे पास 89 लोगों के मारे जाने की सूचना थी. जो गुरूवार को बढ़कर 94 हो गई. ये रिपोर्ट बीस ज़िलों से आई है. लगभग 800 घर भी जलकर तबाह हो गए."

सरकारी सूत्रों ने बताया है कि अधिकांश मौतें कच्चे घरों के गिरने, बिजली के तार टूटने और पेड़ों के गिरने से हुई हैं.

आंधी के कारण आम की फ़सल बुरी तरह प्रभावित हुई है.

राजधानी लखनऊ का कई ज़िलों के साथ घंटों तक संचार संर्पक टूटा रहा.

राज्य सरकार इस प्राकृतिक विपदा से प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री, दवाइयाँ और भोजन सामग्री पहुँचाने की कोशिश कर रही है.

राहत आयुक्त ने बताया कि सरकार ने मारे गए लोगों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए का मुआवाज़ा देने की घोषणा की है.

अगले दो हफ़्तों तक के लिए अनाज उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है. जीके टंडन ने बताया कि घरों की मरम्मत के लिए सहायता राशि दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि उपयुक्त तकनीक नहीं होने के कारण मौसम के बारे में सटीक पूर्वानुमान नहीं था.