सोमवार, 12 मई, 2008 को 14:49 GMT तक के समाचार
नेपाल की सरकार ने घोषणा की है कि नई संविधान सभा की पहली बैठक 28 मई को होगी जिसमें औपचारिक रूप से राजशाही को ख़त्म कर दिया जाएगा.
साथ ही इस बैठक में नेपाल को गणतंत्र भी घोषित किया जाएगा. अंतरिम संविधान के मुताबिक़ संविधान सभा को बैठक के पहले दिन ही राजशाही को ख़त्म करना होगा.
प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला के सलाहकार आदित्य बराल ने बताया, "प्रधानमंत्री ने सभी दलों को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है कि नई संविधान सभा की पहली बैठक 28 मई को होगी."
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार 22 मई से अन्य राजनीतिक दलों के साथ चुनाव के मुद्दों पर बातचीत शुरू करेगी.
अपील
हाल ही में संपन्न हुए संविधान सभा के चुनाव में माओवादी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आए हैं. माओवादी पार्टी पहले ही अपील कर चुकी है कि नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ख़ुद ही राजशाही का त्याग कर दें.
माओवादी लगभग एक दशक तक हिंसक आंदोलन चलाने के बाद वर्ष 2006 में राजनीति की मुख्य धारा में शामिल हो गए थे. माओवादियों के प्रमुख प्रचंड ने कहा था कि नेपाल नरेश को जनादेश का सम्मान करना चाहिए.
फरवरी 2005 में नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने सारे अधिकारी अपने हाथ में ले लिए थे. नेपाल नरेश ने तर्क दिया था कि सरकार माओवादियों से निपटने में नाकाम रही है.
इसके बाद नेपाल के राजनीतिक दलों और माओवादियों ने मिलकर साझा अभियान चलाने का फ़ैसला किया था. अप्रैल 2006 में राजा को दबाव में आकर संसद बहाल करनी पड़ी थी.
पिछले साल दिसंबर में माओवादियों और नेपाल के अन्य राजनीतिक दलों में यह सहमति हो गई थी कि संविधान सभा के चुनाव के बाद नेपाल को गणतंत्र घोषित कर दिया गया था.