मंगलवार, 06 मई, 2008 को 13:43 GMT तक के समाचार
बर्मा में नर्गिस के कहर से मरनेवालों की तादाद बढ़कर 22 हज़ार पहुंच गई है जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी मदद के लिए सक्रियता से आगे आ रहा है.
भारत ने बर्मा में तूफ़ान के कारण पैदा हुई संकट की स्थिति पर बेहद अफ़सोस जताया है और बर्मा के लिए राहत सामग्री रवाना कर दी है.
इस बारे में जानकारी देते हुए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया कि भारत अपने दो समुद्री बेड़े बर्मा के लिए रवाना कर चुका है.
उन्होंने बताया कि भारतीय जलसेना के दो बड़े जहाज़, आईएनएस राणा और आईएनएस कृपाण को बर्मा के लिए रवाना कर दिया गया है और ये बेड़े बुधवार को अल सुबह तक वहाँ पहुँच जाएंगे.
विदेश प्रवक्ता ने बताया कि इन बेड़ों में आवश्यक राहत सामग्री और कुछ ज़रूरी दवाइयाँ रवाना की गई हैं.
इसके अलावा भारतीय वायुसेना के दो हवाईजहाज़ भी बुधवार को बर्मा पहुंच रहे हैं. इनसे टेंट और दवाइयाँ भेजी जा रही हैं.
विदेश प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक किसी मेडिकल टीम को रवाना नहीं किया गया है पर ऐसी मांग होने पर राहत भेजी जा सकती है.
यह पूछे जाने पर कि भारत किस तरह की मदद बर्मा को उपलब्ध कराएगा, उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर होगा कि उन्हें हमसे किस तरह की मदद चाहिए.
नवतेज सरना ने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री ने बर्मा की सरकार के इतनी बड़ी तबाही पर अपनी संवेदना व्यक्त की है. साथ ही विदेशमंत्री ने भी बर्मा के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर मदद की पेशकश की है.
तबाही
बर्मा में शनिवार की रात भीषण तूफ़ान आया था जिसमें हज़ारों लोगों की मौत हो गई थी और उससे भी ज़्यादा लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है.
अभी तक की जानकारी के मुताबिक तूफ़ान में मरनेवालों की तादाद 22 हज़ार से अधिक हो गई है और क़रीब 41 हज़ार लोग लापता हैं.
हज़ारों की तादाद में लोग बेघर हो गए हैं.
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक मृतकों और तूफ़ान से हुए नुकसान का सही आकलन पर पाने में कई दिन लग सकते हैं.