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नगा विद्रोहियों की लड़ाई में 12 की मौत
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भारत के पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में पुलिस ने कहा है कि नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नगालैंड यानी एनएससीएन के दो गुटों के बीच
हुई लड़ाई में 12 नगा विद्रोही मारे गए हैं. यह झड़प शुक्रवार सुबह हुई.
पुलिस का कहना है कि एनएससीएन के खपलांग गुट के विद्रोहियों ने मुइवाहह गुट के सिटीखेमा गाँव स्थित एक शिविर पर हमला बोल दिया. यह गाँव नगालैंड के प्रमुख व्यावसायिक शहर दीमापुर के पास स्थित है. पुलिस का कहना है कि मुइवाहह गुट के विद्रोहियों ने खपलांग गुट के विद्रोहियों को मार-पीट कर खदेड़ दिया जिसमें खपलांग गुट को भारी नुक़सान पहुँचा है. पुलिस के अनुसार इस दौरान खपलांग गुट के 12 विद्रोही मारे गए. एनएससीएन मुइवाहह गुट के प्रवक्ता करियाबो चवाँग ने बीबीसी को बताया कि खपलांग गुट के विद्रोहियों ने शुक्रवार को भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े पाँच बजे उनके शिविर पर हमला बोला. चार घंटे तक हुई गोलीबारी में खपलांग गुट को भारी नुक़सान पहुँचा है. उन्होंने बताया कि मुइवाह गुट के विद्रोहियों ने खपलांग गुट के विद्रोहियों के अधिकतर हथियार छीन लिए.
वहीं खांपलांग गुट के प्रवक्ता कुघालु मुलुटोनू ने मुइवाह गुट पर हमले के लिए उकसाने का आरोप लगाया. एनएससीएन पूर्वोत्तर भारत के अलगाववादी गुटों में सबसे मज़बूत संगठन है. यह संगठन 1988 में दो धड़ों में बँट गया था. बर्मा के नगा नेता एसएस खपलांग के समर्थकों ने टी मुइवाह और इसाक चीसी के नेतृत्व वाले मुख्य धड़े से अलग होकर नया गुट बना लिया था. एनएससीएन के दोनों धड़ों का 1997 से भारतीय सुरक्षा बलों के साथ युद्धविराम समझौता चल रहा है लेकिन वे आपसे में लड़ते रहते हैं. इन दोनों गुटों की आपसी लड़ाई में 1988 से अबतक लगभग 400 विद्रोही मारे जा चुके हैं. |
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