सोमवार, 14 अप्रैल, 2008 को 01:52 GMT तक के समाचार
संदीप साहू
बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए, भुवनेश्वर, उड़ीसा से
चर्चित बाल मैराथन धावक बुधिया को दुनिया भर में शोहरत दिलाने वाले कोच बिरंची दास की गोली मार कर हत्या कर दी गई है.
उड़ीसा पुलिस का कहना है कि रविवार शाम अज्ञात बंदूकधारियों ने बिरंची दास को गोली मार दी.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ हमलावर दो मोटरसाइकिल पर आए थे.
पुलिस के अनुसार हमलावर राजधानी भुवनेश्वर के स्टेट जूडो एसोसिएशन हॉल पहुँचे और उन्होंने बिरंची दास को बाहर बुलाया.
बिरंची दास के बाहर पहुँचने के बाद उनकी गरमा-गरम बहस हुई. इसी दौरान एक हमलावर ने पिस्तौल से बिरंची दास पर गोलियाँ चला दीं और वहाँ से भाग गए.
बिरंची दास को भुवनेश्वर के कैपिटल हॉस्पिटल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ जिस समय बिरंची दास पर गोली चलाई गई, ठीक उसी समय बिजली चली गई.
इससे ये अफ़वाहें भी गर्म है कि कहीं बिजली का कटना भी सोची-समझी साज़िश का हिस्सा तो नहीं था.
पुलिस ने इस संभावना को ख़ारिज कर दिया है कि बिरंची दास और उनके पूर्व शिष्य के बीच मतभेद के कारण ऐसा हुआ.
हत्या
भुवनेश्वर पुलिस के उपायुक्त अमिताभ ठाकुर ने पत्रकारों को बताया कि इस हत्या के पीछे शहर के एक कुख्यात अपराधी का हाथ है लेकिन उन्होंने उस अपराधी का नाम नहीं बताया.
बिरंची दास के भाई सुशांत दास मौक़े पर ही मौजूद थे.
पुलिस का कहना है कि हत्यारों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा क्योंकि इस हत्या के कई प्रत्यक्षदर्शी हैं. पु
लिस उपायुक्त अमिताभ ठाकुर ने बताया कि शहर से आने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया है ताकि हत्यारे भाग न सकें.
बिरंची दास पहली बार वर्ष 2005 में सुर्ख़ियों में आए थे जब उनके साढ़े तीन साल के शिष्य बुधिया ने लंबी दूरी की दौड़ की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर सनसनी फैला दी थी.
मैराथन
उस साल बुधिया ने दिल्ली मैराथन में दौड़ लगाई. उसके पहले उसने उड़ीसा में 35 किलोमीटर और 60 किलोमीटर की दौड़ लगाकर ख़ूब चर्चा बटोरी. इसके साथ बुधिया के साथ-साथ उनके कोच बिरंची दास भी चर्चा में रहे.
अप्रैल 2006 में तो बुधिया ने लगातार 65 किलोमीटर की दौड़ लगाकर दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा लेकिन इस बीच उनके कोच बिरंची दास पर शोषण का भी आरोप लगा.
राज्य के महिला और बाल कल्याण विभाग ने बिरंची दास के ख़िलाफ़ मामला भी दर्ज किया. पहले तो बुधिया की माँ ने बिरंची दास का समर्थन किया लेकिन पिछले साल उन्होंने बिरंची दास पर आरोप लगाया कि पैसे की ख़ातिर वह बुधिया का शोषण करते हैं.
उन्होंने बिरंची दास के ख़िलाफ़ पुलिस में मामला दर्ज किया जिसके बाद जूडो एसोसिएशन हॉल से हटाकर बुधिया को सरकारी स्पोर्ट्स हॉस्टल भेज दिया गया था.