शनिवार, 05 अप्रैल, 2008 को 09:37 GMT तक के समाचार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि कर्नाटक में नई सरकार के गठन होने तक होगेनक्कल पेयजल परियोजना का काम रोकने के लिए तैयार हो गए हैं.
तमिलनाडु ने कावेरी नदी पर होगेनक्कल में एक पेयजल परियोजना को पूरा करने का फ़ैसला किया था जिसका कर्नाटक में भारी विरोध हो रहा है.
शुक्रवार को स्थिति यह हो गई थी कि इस पेयजल परियोजना के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के सिलसिले में तमिल लोगों पर हो रहे हमलों का विरोध में तमिल फ़िल्मों के अभिनेता तक कूद पड़े थे.
रजनीकांत सहित कुछ अन्य तमिल कलाकारों ने उपवास रखकर अपना विरोध दर्ज किया था. तमिलनाडु के वकीलों ने भी शुक्रवार को अदालती काम का बहिष्कार किया था.
राज्य सरकार की 1,334 करोड़ रुपए की महात्वाकांक्षी होगेनक्कल परियोजना से धर्मपुरी और कृष्णागिरि ज़िले के लोगों को पेयजल की आपूर्ति होने की उम्मीद है.
करुणानिधि ने एक बयान में कहा है, "मुझे उम्मीद है कि एक लोकप्रिय सरकार हमारी माँग को समझेगी और परियोजना पर 1998 में बनी सहमति का पालन करेगी."
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है, "अगर चुनाव के बाद भी हालात नहीं बदले तो हम दुनिया को बता देंगे कि अपनी ज़िंदगी की क़ीमत पर भी तमिल आत्मसम्मान की रक्षा करेंगे."
'इंतज़ार नई सरकार का..'
उनका कहना है, "हम वहाँ नई सरकार के बनने तक इंतज़ार करेंगे. मुझे उम्मीद है कि इस परियोजना पर नई सरकार सहयोग करेगी."
कर्नाटक में अभी राष्ट्रपति शासन है और मई में चुनाव होने हैं. तमिलनाडु में यूपीए के घटक डीएमके की सरकार है.
इससे पहले मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित कर कर्नाटक में तमिल मूल के लोगों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा की निंदा की थी.
तमिलनाडु का कहना है कि नई दिल्ली में 1998 में हुई बैठक में कर्नाटक ने होगेनक्कल परियोजना पर सहमति जताई थी.
समाचार एजेंसियों की ख़बर है कि इस मसले पर प्रदर्शन, तोड़-फोड़ और हड़ताल के बीच दोनों राज्यों के नेताओं ने केंद्र से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था.
समाचार एजेंसियों के अनुसार कर्नाटक में कुछ टीवी-केबल ऑपरेटरों ने तमिल चैनलों को दिखाना बंद कर रखा है. जवाब में तमिलनाडु में भी केबल ऑपरेटरों ने तब तक कोई कन्नड चैनल न दिखाने का फ़ैसला किया है जब तक कि कर्नाटक में तमिल चैनल नहीं दिखाए जाते हैं.