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गुरुवार, 03 अप्रैल, 2008 को 20:27 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, उत्तर प्रदेश

टिकैत समर्थकों की भी रिहाई

पश्चिमी उत्तरप्रदेश के किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत की माँग स्वीकार करते हुए मायावती सरकार ने उनके बेटे सुरेंद्र सहित भारतीय किसान यूनियन के 11 कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया है.

इन लोगों को सोमवार को पुलिस के साथ हुई हिंसक झड़पों के बाद गिरफ़्तार किया गया था.

पुलिस महेंद्र सिंह टिकैत के मुज़फ़्फ़रनगर के गाँव सिसौली में उन्हें गिरफ़्तार करने पहुँची थी और उनके समर्थक उनकी गिरफ़्तारी का विरोध कर रहे थे.

मुख्यमंत्री मायावती के बारे में टिकैत की कथित जातिसूचक टिप्पणी के मामले ने तूल पकड़ लिया था.

चार दिनों के नाटकीय घटनाक्रमों के बाद आख़िर बुधवार की शाम बिजनौर की अदालत ने महेंद्र सिंह टिकैत को ज़मानत दे दी और फिर शाम को टिकैत अपने घर पहुँच गए.

टिकैत के एक और बेटे राकेश को बुधवार को ही रिहा कर दिया गया था.

वहाँ पहुँचने के बाद उन्होंने अपने समर्थकों की रिहाई की माँग की थी.

उनका कहना था, "मैं शर्मिंदगी महसूस कर रहा हूँ कि मैं तो ज़मानत पर छूटकर घर पहुँच गया लेकिन मेरे लोग अभी भी जेल में हैं."

उन्होंने कहा, "मैं महापंचायत के लोगों से अपील करता हूँ कि यदि उन्हें जेल तोड़ना पड़े तो वह भी करें लेकिन लोगों को रिहा करवाकर लाएँ."

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कार्यकर्ताओं की रिहाई का स्वागत किया है.

उन्होंने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि अब मामला सुलझ गया है और अब वे आठ अप्रैल को किसान पंचायत आयोजित करने पर एक बार फिर विचार करेंगे.