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बुधवार, 03 अक्तूबर, 2007 को 09:40 GMT तक के समाचार

आनंद मोहन सहित तीन को मृत्युदंड

पटना के सत्र न्यायालय ने गोपालगंज के ज़िलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या के मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन समेत तीन लोगों को फाँसी की सज़ा सुनाई है.

इस मामले में अख़लाक अहमद और अरुण कुमार को भी मौत की सज़ा सुनाई गई है जबकि चार अन्य लोगों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.

इसके अलावा अदालत ने मुन्ना शुक्ला, हरेंद्र कुमार, शक्तिशेखर और आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है.

मुन्ना शुक्ला के वकील सुनील कुमार ने कहा है कि जल्दी ही इस फ़ैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की जाएगी.

जब अदालत ने दोषियों को सज़ा सुनाई उसके बाद अदालत परिसर में समर्थकों की भीड़ जमा हो गई थी.

पटना में बीबीसी संवाददाता के अनुसार राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि इतनी कड़ी सज़ा की अपेक्षा नहीं की जा रही थी.

इससे पहले पटना के सत्र न्यायाधीश रामश्रेष्ठ राय ने इस मामले में लालगंज से सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक मुन्ना शुक्ला, पूर्व सांसद आनंद मोहन और उनकी पत्नी लवली आनंद, पूर्व विधायक अख़लाक अहमद, प्रोफ़ेसर अरूण कुमार सिंह और जद (यू) नेता हरेंद्र कुमार को दोषी क़रार दिया था और सज़ा सुनाने के लिए तीन अक्तूबर की तारीख़ तय की गई थी.

चार दिसंबर 1994 को मुज़फ्फ़रपुर ज़िले के खबरा गाँव के पास एक क्रुद्ध भीड़ ने जी कृष्णैया की हत्या कर दी थी.

ये लोग स्थानीय नेता छोटन शुक्ला की हत्या से नाराज़ थे और इसी का विरोध करते हुए जुलूस निकाल रहे थे.

ज़िलाधिकारी कृष्णैया राष्ट्रीय मार्ग पर इस भीड़ में फँस गए और वहाँ मौजूद लोगों ने उनकी गाड़ी पर लालबत्ती देखते ही हमला कर दिया.

उन्हें पहले पीटा गया और फिर गोली मार दी गई.

जिन लोगों को सज़ा सुनाई गई है उन पर भीड़ को उकसाने का आरोप था.

दोषी क़रार दिए गए मुन्ना शुक्ला छोटन शुक्ला के भाई हैं.