शनिवार, 31 मार्च, 2007 को 06:23 GMT तक के समाचार
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में सैनिकों की संख्या में कटौती के मुद्दे की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ और एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है.
रक्षा मंत्री एके एंटनी की अक्ष्यक्षता में गठित इस समिति में केन्द्र और जम्मू-कश्मीर सरकार के अधिकारियों को शामिल किया गया है.
केन्द्र की इस घोषणा को जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस-पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पार्टी) गठबंधन सरकार का संकट भी दूर करने के उपाय के रुप में देखा जा रहा है.
पीडीपी राज्य में तैनात सैन्य बलों की संख्या में कटौती की माँग कर रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि राज्य के हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और सैन्य कटौती का यह उचित माहौल नहीं है.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अध्यक्षता रक्षा मंत्री एके एंटनी और विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता रक्षा सचिव शेखर दत्त करेंगे.
फ़ैसला
विशेषज्ञ समिति में रक्षा, गृह मंत्रालय, सैन्य अधिकारियों और राज्य सरकार के अधिकारियों को शामिल किया गया है.
ये समिति सैनिकों की संख्या में कमी करने के मुद्दे का गहराई से अध्ययन करेगी और अपनी सिफारिशें उच्चाधिकार प्राप्त समिति को करेगी.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ किया कि समिति सैन्य विशेषाधिकार क़ानून की भी समीक्षा करेगी.
हालाँकि इन समितियों के लिए किसी तरह की समयसीमा तय नहीं की गई है.
संपत्ति वापसी
इस बीच, राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों के अधिकार में ली गई अनेक संपत्तियों जैसे इमारतों और सेब बागानों को वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
बाकी संपत्तियों को उनके मालिकों को वापस करने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है.
यदि संपत्ति लौटाना संभव नहीं हुआ तो राज्य सरकार के साथ सलाह मशविरे के बाद संपत्ति के मालिक को उचित मुआवजा दिया जाएगा.