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मुंबई धमाकों में 12 सितंबर को सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई में 1993 में हुए बम धमाकों के मामले में टाडा अदालत 12 सितंबर को सज़ा सुनाएगी. इस फ़ैसले से फ़िल्म स्टार संजय दत्त समेत 123 अभियुक्तों का भविष्य तय होगा. ग़ौरतलब है कि मुंबई में 12 मार्च, 1993 को सिलसिलेवार रूप से हुए 12 बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हो गए थे. सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कहा कि टाडा न्यायाधीश पीडी कोडे ने फ़ैसले सुनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 12 सितंबर को सज़ा सुनाई जाएगी. यह मामला भारतीय क़ानूनी इतिहास के अत्यंत पेचीदा और लंबे मामलों में से एक माना जाता है. इस मामले में एक दशक से अधिक समय तक सुनवाई चली और 686 गवाह पेश हुए और क़रीब दस हज़ार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई. इस मामले में अदालत के फ़ैसले का इंतज़ार न केवल अभियुक्तों को है बल्कि मामले की जांच करने वाली विशेष टास्क फोर्स, सीबीआई और मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को भी है. लंबा इंतज़ार इस मामले के 123 अभियुक्तों में से 94 जमानत पर हैं जिनमें संजय दत्त भी शामिल हैं. 29 अभियुक्त जेल में हैं. इसके अलावा 11 अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई है.
इसी मामले से जुड़े तीन अभियुक्त अबू सलेम, रियाज़ सिद्दीकी और मोहम्मद दौसा की सुनवाई को अलग कर दिया है क्योंकि इनकी गिरफ़्तारी बहुत बाद में हुई थी. इस मामले के 29 अभियुक्त अब भी फ़रार बताए जाते हैं जिनमें इस पूरी घटना को कथित रुप से अंजाम देने वाले दाऊद इब्राहिम, अनीश इब्राहिम और टाइगर मेमन शामिल हैं जो कभी पकड़े नहीं गए. सीबीआई के अनुसार मुंबई धमाकों को पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई की मदद से दाऊद इब्राहिम ने अंजाम दिया था. हालांकि पाकिस्तान इसमें किसी भी तरह का हाथ होने से इनकार करता आया है. आरोपपत्र के अनुसार सिलसिलेवार धमाकों के अलावा 12 मार्च को मुंबई के हिंदू बहुल इलाक़ों में हथगोले भी फेंके गए थे जिसके बाद हुए सांप्रदायिक दंगों में कई जानें गईं थीं. मामले के एक अन्य अभियुक्त संजय दत्त अपने घर पर एके 56 राइफ़ल रखने के आरोप में 18 महीने जेल में काट चुके हैं और फिलहाल जमानत पर हैं. इन धमाकों में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ संजय दत्त के परिवार को भी इस फ़ैसले का बेसब्री से इंतज़ार है. |
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