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चौटाला पर सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के हरियाणा राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार से सिफ़ारिश की है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल के अध्यक्ष, ओमप्रकाश चौटाला, उनके दोनों पुत्रों और कुछ अन्य सहयोगियों के ख़िलाफ़ कथित भ्रष्टाचार के अनेक आरोपों की जाँच सीबीआई से कराई जाए. राज्य के संसदीय मामलों के मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चंडीगढ़ में बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हाल ही में बाक़ायदा पत्र लिखकर केंद्र सरकार से इस बारे में गुज़ारिश की है. सुरजेवाला ने बताया कि सत्ता में आने से पहले हरियाणा कांग्रेस पार्टी ने चौटाला परिवार के ख़िलाफ़ जो आरोप पत्र तैयार किया गया था, उसे केंद्र सरकार को भेजे गए निवेदन के साथ शामिल किया गया है. उन्होंने बताया, "ओम प्रकाश चौटाला, उनके पुत्रों और उनके सहयोगियों के भ्रष्टाचार और आपराधिक जगत से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिश्तों के मद्देनज़र, हरियाणा सरकार ने 13 दिसंबर को कांग्रेस पार्टी की राज्य इकाई के द्वारा तैयार किए गए आरोप पत्र को भारत सरकार को भेज दिया है." "आरोप पत्र के साथ ही केंद्र सरकार को लिखे पत्र में यह प्रार्थना की गई है कि इन सभी आरोपों की सीबीआई से जाँच कराई जाए." आरोप सुरजेवाला ने आरोप पत्र का हवाला देते हुए बताया कि चौटाला परिवार पर लगे आरोपों में ज़मीनों की बिक्री में दलाली, गेंहू, चावल और गन्ने की ख़रीद में गड़बड़ी, ग़ैर-कानूनी खनन, भर्तियों में धांधली और रिश्वतखोरी के मामले शामिल हैं.
इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री पर आय से अधिक संपत्ति एकत्रित करने और कुख्यात आरोपियों से संबंध रखने के भी आरोप लगाए गए हैं. बातचीत के दौरान सुरजेवाला ने बताया कि उन्होंने निजी तौर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपील की है कि सीबीआई पर यह जाँच करने के लिए दबाव डाला जाए और इस काम के लिए एक विशेष टीम के गठन के निर्देश दिए जाएं. इसके अलावा उन्होंने एनडीए सरकार के उन सभी लोगों के ख़िलाफ़ भी जाँच कराने के आदेश देने की माँग की है, जिन्होंने उनका साथ दिया और उनसे लाभ उठाए. ग़ौरतलब है कि नौ माह पूर्व राज्य की सत्ता संभालते ही राज्य की कांग्रेस सरकार ने राज्य सतर्कता विभाग से भी इन आरोपों की जाँच करने को कहा था. हालांकि उन्हें इस जाँच में कोई ख़ास सफलता नहीं मिल सकी. सुरजेवाला ने बताया कि इस जाँच का दायरा राज्य या देश की सीमाओं के बाहर भी हो सकता है इसलिए इसकी जाँच सीबीआई से कराई जानी चाहिए. राज्य सरकार के इस ताज़ा रवैये को लेकर चौटाला परिवार और उनकी पार्टी के लोगों ने फ़िलहाल चुप्पी साध रखी है. हालाँकि इससे पहले चौटाला और उनके पुत्रों ने इन आरोपों को रद्द करते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया था. | इससे जुड़ी ख़बरें चौटाला के निवास पर सीबीआई का छापा07 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस चौटाला ने कहा, रचनात्मक विपक्ष बनेंगे27 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस चौटाला फिर बरसे चुनाव आयोग पर19 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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