बुधवार, 12 जनवरी, 2005 को 09:58 GMT तक के समाचार
लंदन स्थित मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने नेपाल में माओवादी विद्रोहियों पर मावाधिकार हनन के गंभीर आरोप लगाए हैं.
संगठन ने माओवादी नेताओं से अनुरोध किया है कि वे इन मामलों की जाँच करें और दोषी व्यक्तियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें.
नेपाली माओवादियों के नेता प्रचंड के नाम लिखे एक 'खुले पत्र' में एमनेस्टी ने कहा है कि मानवाधिकार हनन के विशेष मामले उसके सामने आए हैं.
संगठन के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के निदेशक इंग्रिड मसाज का कहना है कि प्रचंड सभी आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और अगवाह किए गए लोगों को बिना शर्त छोड़ दें.
मसाज का कहना था कि कई लोगों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने माओवादियों की आलोचना की थी.
उनका कहना था कि ऐसा करना स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों का उल्लघन है.
नेपाल में विद्रोहियों के बहुत सारे स्कूली छात्रों को अगवाह करने और उन्हें बलपूर्वक माओवाद के बारे में पढ़ाई करवाकर कुछ दिन बाद छोड़ देने के मामले सामने आए हैं.
इनमें से कई छात्रों को तो विद्रोही अपने साथ शामिल भी कर लेते हैं.
विद्रोहियों और सरकार दोनो ही की पहले भी मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में आलोचना हो चुकी है.
दोनो ही पक्ष एक दूसरे पर तो आरोप लगाते हैं लेकिन ख़ुद ऐसे उल्लंघन करने से इनकार करते हैं.