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रिमशा के परिवार को जिंदा जला देने की धमकी

 बुधवार, 12 सितंबर, 2012 को 03:25 IST तक के समाचार

जेल से रिहा होने के बाद रिमशा को किसी अज्ञात जगह ले जाया गया

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में जमानत पर रिहा ईसाई लड़की रिमशा के परिवार का कहना है कि उनके मुसलमान पड़ोसियों से उन्हें घर के भीतर जिंदा जला देने की धमकी दी थी.

राजधानी इस्लामाबाद के बाहर एक अज्ञात जगह से रिमशा के पिता ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि पडो़सी उन्हें घर के भीतर ही जिंदा जलाने की धमकी दे रहे थे.

उन्होंने कहा," वो हमारे बच्चों को भी जिंदा नही छोड़ेंगे. उसके बाद वो दूसरे ईसाई परिवार के घरों को भी आग लगा देंगे. हमें इस बात की चिंता हैं कि हमला हो सकता है, हमारी जान को ख़तरा है."

रिमशा मसीह पर पवित्र कुरान के पन्ने और संबंधित धार्मिक किताबें जलाने का आरोप है. कहा गया कि उनके बस्ते से कुछ जले हुए पन्ने मिले थे लेकिन बाद में एक मुसलमान मौलवी खालिद चिश्ती को उसी इलाके से गिरफ्तार किया गया था.

रिमशा के पिता ने बीबीसी संवाददाता ओरला गुरियन को बताया कि उनकी बेटी शर्मीले स्वाभाव की है और पढ़ी लिखी भी नही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी बेटी निर्दोष है.

उन्होंने कहा, “ रिमशा घर में चुपचाप बैठी थी कि तभी भारी तादाद में लोगों ने घर को घेर लिया और चिल्लाने लगे कि रिमशा ने कुरान के पन्ने जला दिए हैं.

रिमशा की माँ ने भीड़ को समझाने की कोशिश की कि तभी एक महिला ने उन्हें झापड़ मारा. लोग रिमशा को पकड़ने के लिए घर में घुस गए. मैं डर गया था कि कहीं वो सब हमे मार न डालें. हम सब रो रहे थे. “

आतंक का माहौल

रिमशा के पिता

"रिमशा घर में चुपचाप बैठी थी कि तभी भारी तादाद में लोगों ने घर को घेर लिया और चिल्लाने लगे कि रिमशा ने कुरान के पन्ने जला दिए हैं. रिमशा की माँ ने भीड़ को समझाने की कोशिश की कि तभी एक महिला ने उन्हें झापड़ मारा. लोग रिमशा को पकड़ने के लिए घर में घुस गए. मैं डर गया था कि कहीं वो सब हमे मार न डालें. हम सब रो रहे थे."

रिमशा के परिवार का कहना है कि रिमशा इसलिए बच गई क्योंकि उसने खुद को गुसलखाने में बंद कर लिया था.

रिमशा की बहन ने घटना को और ब्यौरा देते हुए बताया कि वहाँ काफी भीड़ जमा थी. वो सब चीख कर कह रहे थे कि जिन हाथों ने कुरान जलाई है वो उन्हें काट देंगे.

रिमशा बाहर तब तक बाहर नही आई जब तक पुलिस आकर उसे ले नही गई.

रिमशा के पिता आगे कहते हैं कि यहाँ तक कि इलाका छोड़ने के बाद भी वो ये ही कहते रहे कि उस लड़की और उसके परिवार को लाओ ताकि वो हत्या कर सकें.

षडयंत्र

इस घटना के होने से अब तक रिमशा का परिवार कड़ी सुरक्षा के बीच एक जगह से दूसरी जगह शरण ले रहा है. सरकार ने रिमशा के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने का वादा किया है

रिमशा के पिता कहते हैं कि उनके घरों में इस्लामी किताबें हैं ही नहीं, न तो वो उनका इस्तेमाल करते हैं और न ही कोई उन्हें पढ़ सकता है

इससे पहले, ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार रिमशा को गिरफ्तारी के तीन हफ्ते बाद अदालत ने जमानत दे दी थी और उन्हे रावलपिंडी की अडियाला जेल से रिहा कर दिया गया था .

रिहा किए जाने के बाद वायुसेना के हेलीकॉप्टर से रिमशा को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया .

उसके माता-पिता को भी सुरक्षा कारणों से किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है.

अज्ञात स्थान पर

जेल से रिमशा को बख्तर बंद गाड़ी से पास के एक मैंदान में ले जाया गया जहां पहले से पाकिस्तानी वायु सेना का एक हेलिकॉप्टर मौजूद था. रिमशा को इसमें तुरंत स्थानांतरित किया गया.

रिमशा मसीह पर पवित्र कुरान के पन्ने और संबंधित धार्मिक किताबें जलाने का आरोप लगाया गया था. उनके बस्ते से कुछ जले हुए पन्ने मिले थे लेकिन बाद में एक मुसलमान मौलवी खालिद चिश्ती को उसी इलाके से गिरफ्तार किया गया था.

मौलवी खालिद चिश्ती पर आरोप है कि उन्होंने कुरान के जले हुए पन्ने रिमशा के बस्ते में डाले थे और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने इसकी पुष्टि की है.

रिमशा पहली ऐसी पाकिस्तानी नागरिक हैं जिन्हे ईशनिंदा के मामले के तहत अभियुक्त होने के बावजूद जमानत मिली है.

पाकिस्तान में ईशनिंदा ऐसा अपराध है जिसमें जमानत नहीं मिलती है.

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