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ये 350 लाशें कहाँ से आईं और किसकी हैं: पाक सुप्रीम कोर्ट

 गुरुवार, 12 जुलाई, 2012 को 00:04 IST तक के समाचार
इफ़्तेख़ार मोहम्मद चौधरी

मुख्य न्यायाधीश इफ़्तेख़ार मोहम्मद चौधरी ने क्वेटा में जा कर सुनवाई की

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बलूचिस्तान की सरकार को आदेश दिया है कि वह एक दिन के भीतर प्रांत में पिछले दो साल में मिलने वाली 350 लाशों का विवरण अदालत में पेश करे.

बलूचिस्तान में आजकल कई लाशें मिल रही है और अचानक मिलने वाली अधिकांश लाशें उन लोगों की होती हैं जो संदिग्ध हालात में लापता हो जाते हैं.

बलूचिस्तान में पाकिस्तान की सरकार के खिलाफ एक अलगाववादी आंदोलन चल रहा है और लापाता होने वालों के कई रिश्तेदारों का आरोप है कि लोगों को सरकारी एजेंसियों 'गायब' कर रही हैं.

पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश इफ़्तेख़ार मोहम्मद चौधरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने क्वेटा में जा कर सुनवाई करते हुए बलूचिस्तान की सरकार को लाशों का विवरण पेश करने को कहा.

बलूचिस्तान की एक अन्य अदालत ने कुछ साल पहले गोलाबारी में मारे गए अलगाववादी नेता नवाब बुगटी की हत्या के संबंध में देश के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ के खिलाफ़ गैर ज़मानती वॉरंट जारी किए हैं.

'दो साल में मिली 350 लाशें किसकी हैं?'

अभूतपूर्व तरीके से क्वेटा में सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश इफ़्तेख़ार मोहम्मद चौधरी ने स्थानीय सरकार को आदेश दिया कि डेरा बुगटी को प्रवेश के लिए वर्जित इलाका ना रखा जाए.

जस्टिस चौधरी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय खंडपीठ ने क्वेटा रजिस्ट्री में बलूचिस्तान में बदामनी मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि बलूचिस्तान में पिछले दो साल में जो क़रीब 350 लाशें मिली हैं वो किसकी हैं और उन्हें किन लोगों ने मारा है.

अदालत ने सरकार से यह भी जानकारी माँगी है कि जो लोग मारे गए उनमे से कितने सरकार के खिलाफ़ जंग लड़ रहे थे.

क्वेटा में बीबीसी संवाददाता अय्यूब तरीन के अनुसार बलूचिस्तान में गुमशुदा लोगों के रिश्तेदारों के एक संगठन के मुताबिक़ पिछले पांच साल में क़रीब 14000 लोग लापता हुए हैं.

लेकिन राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक़ लापता होने वाले लोगों की तादाद क़रीब 900 है.

एक अन्य अदालत ने पृथकतावादी बलोच नेता नवाब अकबर खान बुगटी की हत्या के मामले में देश के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ के खिलाफ़ गैर ज़मानती वॉरंट जारी किया है.

इसी मामले में मुशर्रफ के शासनकाल के पूर्व प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़, पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री आफताब अहमद खान शेरपाओ, बलूचिस्तान के पूर्व राज्यपाल ओवैस अहमद गनी और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मीरजाम यूसुफ का भी जिक्र आया है.

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