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पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम

 बुधवार, 25 अप्रैल, 2012 को 16:30 IST तक के समाचार
हत्फ-5

बुधवार को पाकिस्तान ने हत्फ-4 का सफल परीक्षण किया.

पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम बीसवीं शताब्दी में 80 के दशक में शुरु हुआ और सबसे पहले हत्फ-1 और हत्फ-2 के सफल परीक्षण किए गए.

पाकिस्तानी सेना के मुताबिक हत्फ-1 मिसाइल 80 किलोमीटर तक मार कर सकती है और 500 किलोग्राम के हथियार ले जाने की क्षमता रखती है.

इसी तरह हत्फ-2, तीन सौ किलोमीटर के फासले तक मार कर सकती है जबकि उसके हथियार ले जाने की क्षमता हत्फ-1 जितनी ही है.

यह दोनों मिसाइल 90 के दशक में सेना का हिस्सा बनी और उस दौरान हत्फ-1 को विकसित कर उसकी मारक क्षमता को 100 किलोमीटर बढ़ाया गया.

1996 में पाकिस्तान ने चीन की मदद से बैलिस्टिक मिसाइल की तकनीक प्राप्त की और 1997 में हत्फ-3 का सफल परीक्षण किया, जिसकी मार 800 किलोमीटर तक थी.

उसी साल गौरी मिसाइल का परीक्षण किया गया. यह मिसाइल 700 किलोग्राम के हथियार ले जाने की क्षमता रखती है और 1500 किलोमीटर तक मार कर सकती है.

वर्ष 1999 में पाकिस्तान ने गौरी-2 और शाहीन मिसाइलों के परीक्षण किए.

गौरी 1700 से 2200 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है जबकि शाहीन की रेंज 800 किलोमीटर है. दोनों मिसाइल 850 किलोग्राम के हथियार ले जाने की क्षमता रखते हैं.

हत्फ मिसाइल

उसी दौरान पाकिस्तान ने हत्फ-2 को विकसित किया और उसने हत्फ-2 ए का सफल परीक्षण भी किया.

साल 2002 में पाकिस्तान ने गौरी (हत्फ-5), गजनवी (हत्फ-3) और अबदाली (हत्फ-2) के सफल परीक्षण किए और सेना के हवाले कर दिए गए.

2002 से 2006 तक पाकिस्तान ने सबसे ज़्यादा मिसाइलों के परीक्षण किए और उस समय भारत के साथ उसके संबंध भी तनावपूर्ण थे.

अक्तूबर 2003 में परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता वाले हत्फ-4 या शाहीन-1 का परीक्षण किया गया और जो 700 किलोमीटर तक मार कर सकती है.

एक हफ्ते के दौरान यह पाकिस्तान का दूसरा बड़ा मिसाइल परीक्षण था, उससे पहले हत्फ-3 यानी गौरी मिसाइल का परीक्षण किया गया था.

ग़ौरतलब है कि यह मिसाइल पाकिस्तान की अहम बैलिस्टिक मिसाइल है.

मई 2004 में हत्फ-5 का परीक्षण किया गया जो परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखती है.

जून 2004 में पाकिस्तान ने ज़मीन से ज़मीन तक मार करने वाली गौरी मिसाइल का सफल परीक्षण किया जो 1500 किलोमीटर तक मार कर सकती है और परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखती है.

अक्तूबर 2004 में पाकिस्तान ने फिर गौरी यानी हत्फ-5 का परीक्षण किया, जो परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखता है.

मार्च 2005 में बैलिस्टिक मिसाइल हत्फ-2 का कामयाब परीक्षण किया गया.

अगस्त 2005 को पाकिस्तान ने पहली बार क्रूज़ मिसाइल का सफल परीक्षण किया और इस मिसाइल को हत्फ-7 या बाबर का नाम दिया गया. यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखती है और इसकी रेंज 500 किलोमीटर है.

मार्च 2006 को पाकिस्तान ने दूसरे क्रूज़ मिसाइल का परीक्षण किया था.

अक्तूबर 2006 में ऐसे मिसाइल का परीक्षण किया गया जो परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखती है और 1300 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है.

अप्रैल 2011 में बैलिस्टिक मिसाइल हत्फ-8 का कामयाब परीक्षण किया गया.

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