पाकिस्तान में तेजाब फेंकने पर मृत्युदंड

  • 21 अप्रैल 2012
फांसी का फंदा
पाकिस्तान में ये पहली बार है कि तेजाब फेंकने के मामले में किसी को मृत्युदंड दिया गया है.

पाकिस्तान की एक अदालत ने महिला पर तेजाब फैंकने के मामले में एक अभियुक्त को मौत की सजा सुनवाई है.

अदालत ने अभियुक्त मोहम्मद आसिफ पर पाँच लाख रुपय का जुर्माना भी लगाया है जबकि अन्य दो अभियुक्तों को संदेह लाभ देते हुए बरी कर दिया.

अभियुक्त मोहम्मद आसिफ पर आरोप था कि उन्होंने चार जून 2009 को रावलपिंडी के आरके बाजार के इलाके में महिला गुलनाज पर तेजाब फैंका था, जिससे वह बुरी तरह से झुलस गई थी और बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक अभियुक्त ने गुलनाज पर तेजाब से हमला इस लिए किया था कि उन्होंने उनके शादी करने से इनकार कर दिया था.

जज नवीद इकबाल ने इस मदमके का फैसला सुनाते हुए मोहम्मद आसिफ को मौत की सजा और पाँच लाख रुपय जुर्माने की सजा सुनाई जबकि उनके साथी अबरार अहमद और अब्दुल वहीद को संदेह का भाल देते हुए बरी कर दिया.

सजा

ग़ौरतलब है कि महिला पर तेजाब फैंकने के किसी मामले में अभियुक्त को मौत की सजा सुनाए जाने का यह मौका है.

ये घटना चार जून 2009 की है. उस दिन रावलपिंडी की रहने वाली गुलनाज पर उसके पति मोहम्मद आसिफ़ ने तेजाब फेंक कर बुरी तरह से जला दिया था.

आसिफ़ के साथ दो और लोग थे और ये सभी घटना के बाद भाग गए थे. एक जुलाई को गुलनाज की जलने की वजह से मौत हो गई थी.

आठ जुलाई को आरोपियों को रावलपिंडी में पकड़ लिया गया था.