सरबजीत की रिहाई के लिए पाकिस्तान में कोशिशें

 गुरुवार, 19 अप्रैल, 2012 को 21:21 IST तक के समाचार
सरबजीत सिंह

सरबजीत सिंह की मौत की सजा को समाप्त करने के लिए के लिए उनका परिवार राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से अपील कर चुका है

भारत की प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू की अपील के बाद पाकिस्तान की प्रेस परिषद के एक सदस्य ने सरबजीत सिंह की रिहाई के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पाकिस्तान की प्रेस परिषद ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में जस्टिस काटजू को एक पत्र लिखा है.

प्रेस परिषद के सदस्य सैयद फसीह इकबाल ने इस पत्र में लिखा है कि वो जस्टिस काटजू के विचारों से सहमत है और वो सरबजीत की रिहाई को लेकर अभियान शुरू करने के बारे में मानवाधिकार आयोग को लिख चुके हैं.

इकबाल ने इस पत्र में कहा है, ''मैंने सरबजीत पर आपके दृष्टिकोण को समझा है और आपके इस विचार से सहमत हूं कि दोनों देशों के लोग अकसर मुसीबत में फंस जाते है जिसमें उनकी कोई गलती नहीं होती लेकिन उनकी नागरिकता मुसीबत बन जाती है.''

जस्टिस काटजू ने अपने पत्र में लिखा था कि सरबजीत को दोषी ठहराए जाने वाले आदेश पर उन्हें संदेह है क्योंकि इस मामले में मुख्य गवाह रहे शौकत सलीम बाद में अपने बयान से पलट गए थे और कहा था कि उन्होंने पुलिस के दबाव में बयान दिया था.

मानवाधिकार

इकबाल ने अपने जवाब में लिखा था, ''मैंने निजी तौर पर पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग के महासचिव आईए रहमान को पत्र लिखकर तुरंत इस मामले पर समिति के गठन की संभावना पर विचार करने और सरबजीत की रिहाई का अभियान शुरू करने के बारे में लिखा है.''

उन्होंने इस पत्र के बारे में और जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने मानवाधिकार आयोग को इस बारे में इसलिए लिखा है क्योंकि उनका मानना है कि वहां मानवाधिकार संगठन सक्रिय हैं और इस बारे में और प्रभावशाली हो सकते हैं.

उन्होंने उम्मीद जताई कि मिलजुल कर की गई कोशिशों से सरबजीत की रिहाई की राह खुल सकती है और इससे दोनो देशों की जेल में बंद कैदियों की भी रिहाई हो सकती है साथ ही उनका कहना था दोनों देशों के बीच चले आ रहे मानवीय मुद्दों का समाधान निकल सकेगा.

इससे पहले जस्टिस काटजू ने पत्र में लिखा था, "मेरा मानना है कि सरबजीत का भारतीय होना उनके खिलाफ गया है, जैसा कि डॉक्टर चिश्ती का पाकिस्तान से होना हुआ था इसलिए मैं आपसे अपील करता हूं कि सरबजीत की रिहाई के लिए आप समिति का गठन करें और एक अभियान की शुरुआत करें."

सरबजीत के मामले पर पाकिस्तान में अधिकारियों का कहना रहा है कि उसका नाम दरअसल मंजीत सिंह है और 1990 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए बम विस्फोट में वो शामिल थे. उस विस्फोट में 14 लोगों की मौत हो गई थी.

सरबजीत सिंह को मौत की सज़ा सुनाई गई थी लेकिन वह पिछले 21 साल से क़ैद हैं.

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