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संसद करेगी नेटो को सप्लाई पर फ़ैसला: गिलानी

 शनिवार, 21 जनवरी, 2012 को 18:15 IST तक के समाचार
यूसुफ़ रज़ा गिलानी

सैनिक चौकियों पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमरीका के प्रति कड़ा रवैया अपनाया है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि अफग़ानिस्तान में मौजूद नेटो सेना को तेल और दूसरे रसद भेजे जाने के काम को फिर से बहाल करने के मुद्दे पर संसद की सुरक्षा समिति में बहस होगी.

यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा कि समिति की सिफ़ारिशों के बाद संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाई जाएगी जो इस मामले पर फ़ैसला लेंगी.

उनका कहना था कि संसद जो भी निर्णय लेगी वो इसे मानने के लिए बाध्य होंगे. ग़ौरतलब है कि 26 नवंबर को नेटो की ओर से पाकिस्तानी चौकी पर हमले में 20 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे.

शुक्रवार को लाहौर कालेज विश्वविधालय में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने अमरीका के एक फ़ोन पर उसकी सारी मांगे मान ली थीं लेकिन अब देश में एक प्रजातांत्रिक सरकार है और उसे देश की 18 करोड़ जनता की हिमायत हासिल है.

विरोध

लाहौर से बीबीसी संवाददाता अली सलमान का कहना है कि प्रधानमंत्री ने कहा कि जब नेटो सेना ने पाकिस्तान के सरहदी फ़ौजी चौकियों पर हमला किया तो उनकी हुकुमत ने न सिर्फ़ नेटो की सप्लाई बंद कर दी बल्कि पाकिस्तान ने नेटो से शम्सी हवाई अड्डे को भी ख़ाली करने को कहा.

यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान ने इसके विरोध में अफग़ानिस्तान पर जर्मनी के बॉन में हुए सम्मेलन में भी शिरकत से इंकार कर दिया.

शुल्क की अटकलें

हालांकि इस बीच समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान नेटो की सप्लाई बहाल करने जा रहा है, लेकिन वो उसके लिए शुल्क दिए जाने की शर्त रख सकता है.

पाकिस्तान के एक स्थानीय समाचार पत्र में भी इसी तरह की ख़बरें छपी हैं, हालाँकि इन ख़बरों की स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि नहीं हो पाई है.

लेकिन इन ख़बरों में ये साफ़ नहीं किया गया है कि ये सूत्र कौन हैं.

रॉयटर्स का कहना है कि लगता है कि पाकिस्तान और अमरीका के बीच तनाव में कुछ कमी आई है क्योंकि दोनों को मालूम है कि चरमपंथ से लड़ने के लिए आपसी सहयोग ज़रूरी है.

समाचार एजेंसी का कहना है कि अधिकारी ने साफ़ किया कि शुल्क लगाकर पाकिस्तान ये साफ़ करना चाहता है कि 26 नवंबर को पाकिस्तानी चौकी पर हुए हमलों को लेकर पाकिस्तान अभी भी नाराज़ है.

अमरीकी प्रशासन ने अभी इस बात को साफ़ नहीं किया है कि नेटो सप्लाई पर पाकिस्तान के रवैए में कोई तब्दीली आई है.

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